BHUKH

आज ये पटाखे वही फोड़ रहे हैं जिनके पास खाने की भरी थाली है।भूखे तो बेचारे आज भी पानी पीकर अपनी भूख मिटा रहे हैं। किसी की दीवाली, किसी का दिवाला, किसी की नसीब में, ना आज दो निवाला। !!!मधुसूदन!!! Follow my writings on https://www.yourquote.in/madhusudan_aepl #yourquote Follow my writings on https://www.yourquote.in/madhusudan_aepl #yourquote

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Diwali

दीप जला हम ख़ुशी मनाते, दीपक के संग हम मुस्काते, एक साल की पड़ी गन्दगी, को घर से हम दूर भगाते। साफ़ किया घर मिहनत से, क्या मन से गंध मिटाए हम, जब भी सोंच गयी इस पर, तब घोर अन्धेरा पाए हम। रौशन तो कर दिया जमाना, अन्धकार भागा है, मन के अंदर देख […]

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