परिवर्तन/Pariwartan

आशियाना बदलते रहे उम्र भर,कुछ भी बदला नहीं, हम बदलते रहे धर्म और जातियां,कुछ भी बदला नहीं । हम अकेला चले कारवां बन गया, देखते-देखते ये जहाँ बन गया, जब जुआरी थे हमको जुआरी मिला, जब बने हम शराबी शराबी मिला, हम जैसा थे वैसा जहां बन गया,कुछ भी बदला नहीं, हम बदलते रहे धर्म […]

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