Dustak

बिखर कर भी प्रेम बिखर नहीं पाता है, संवर कर भी स्वार्थ संवर नहीं पाता है, खुशबु बिखेरे मिटकर फूल दुनिया में, कांटे फूल पाकर भी महक नहीं पाता है, बिखर कर भी प्रेम बिखर नहीं पाता है। जिंदगी तो दौड़ है स्वार्थ और प्रेम का, रिसते हैं आँखों से अश्क स्वार्थ-प्रेम का, सिलवटें निशान […]

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Pukaar 

हूँ अबला,गरीब मैं,लोग मुझे सताते है, मेरे धर्मवाले मुझे बार-बार रुलाते हैं || मन में बिस्वास और उम्मीद लेकर आयी हूँ, थककर उस संसार से, तेरे दर पे आयी हूँ, आजा आके मुझको अपने गले से लगा लो, रश्मों के साथ मुझे हिन्दू तुम बना दो, रश्मों के साथ मुझे हिन्दू तुम बना दो |1| […]

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Judaayee

एक ऐसी नवयुवती जिसका एकमात्र सहारा उसके  पति की एक दुर्घटना में मौत हो जाती है | उस अबला की दर्द, चीख और पुकार को शब्दों में बयाँ करना तो मुश्किल है, फिर भी एक छोटी कोशिश ………………   तूने किसके सहारे मेरे यार जहाँ में छोड़ चला, क्यों थाम के मेरा हाथ साथ तुम […]

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