Tarayeen ka Sangram

Click here to Read part 2 Image credit: Google हिन्द का अंतिम हिन्दू शासक वीर,धीर,बलवान, नाम से वाकिफ दुनियाँ सारी है भारत का शान, कहता राय पिथौरा कोई,कोई पृथ्वीराज चौहान, वीरों में है वीर महान,गाउँ मैं उसका गुणगान। वीरों से थी भरी धरा,था अद्भुत अपना हिन्द, मगर एक ना हो पाये हम,रोता अपना हिन्द, आपस […]

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MAKAR-SAKRANTI/मकर सक्रांति

Image credit: Google “माघे मासे महादेव: यो दास्यति घृतकम्बलम। स भुक्त्वा सकलान भोगान अन्ते मोक्षं प्राप्यति” मकर सक्रांति,सक्रांति हम लोग मनाते हैं, जब दक्षिणायन से दिनकर उत्तरायण आते हैं, जब दक्षिणायन से दिनकर उत्तरायण आते हैं। मूर्तरूप एकमात्र धरा के दिनकर हैं भगवान्, इनके बिन है जीवन कैसा कौन यहाँ अनजान, पौष मास में शीतलहर […]

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Khoti Pehchan/खोती पहचान

Click here to read part.1 Image credit: Google है दास्ताँ सीखा गयी गुलामी बर्षों की अपना असर दिखा गयी गुलामी वर्षों की।। टुकड़ों में कल खड़े यहूदी, बिखर गयी थी भाषा, मगर सोंच थी उनकी वापस, लाई हिब्रू भाषा, सन उन्नीस सौ अड़तालीस में, इस्राईल आजाद हुआ, देशभक्ति के कारण उनका, हिब्रू भाषा आम हुआ, […]

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Naya Saal Naya Sawera

Image credit: Google है दास्ताँ सीखा गयी गुलामी बर्षों की, अपना असर दिखा गयी गुलामी वर्षों की|| शुक्ल प्रतिपदा प्रथम दिन, है चैत्र मास का ख़ास, इसी दिन से ब्रम्हा ने की, सृष्टि की शुरुआत, इस दिन हम नववर्ष मनाते, हिन्द को अपना खूब सजाते, मगर इसे भी मिटा रही गुलामी वर्षों की, अपना असर […]

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Beti Garib ki/बेटी गरीब की

Image credit: Google घर में दो वक़्त का है निवाला नहीं, हाय बिटिया जवाँ हो रही है, तन हैं चीथड़ों की शोभा बढ़ाते मगर, कैसे विकसित जहाँ हो रही है |1 है वो मासूम बिलकुल जगत से अलग, तन निखरते,उमर से है वो बेखबर, झाकतें तन लिबासों में ना छुप रही, टूटे सीसे में अपनी […]

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Kyun Yaad Aten hain

  Image credit: Google जो रिश्ते अपने तोड़ गए, तोड़े सपने,जज्बात बहुत क्यों याद आतें हैं, जो अपना कह मुंह मोड़ गए, है नहीं जिन्हें कुछ याद, वही क्यूँ दिल भाते हैं।।1 जब पास नहीं वे थी हलचल, चहुंओर था एक बवंडर, जब छोड़ गए तब भी हलचल, है हरपल एक बवंडर, हैं फँसे बीच […]

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Mera Gaon/मेरा गाँव

Image credit: Google किन शब्दों में दर्द सुनाऊँ, हालत कैसे किसे दिखाऊँ, हाय दुर्दशा कृषक,खेत,खलिहान की, आकर देख दशा कैसी है मेरे गाँव की।2 फ़टी पाँव है धरा जेठ सी, चमड़े हो गए काले, पीठ,पेट सट एक हुए, फिर भी हिम्मत ना हारे, सींच खून से पौध उगाते, धूप में बदन जलाते, तब जाकर खलिहान […]

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Bahrapan/बहरापन

Image credit : Google Click here to read part 1 बहरी हो गयी क्या सरकार, दिखती क्यों ना अत्याचार, आ हम ध्वनियन्त्र लगा दें चल कर संसद पर, कितना दर्द हमें चल उन्हें दिखा दें संसद पर || एसी कार में नेतागण, चलते करके सीसा बंद, महल जहां पर उनकी होती, लाउडस्पीकर पर पाबन्द, चल […]

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Dhwani Pradhshan/ध्वनि प्रदूषण

Image credit: Google धर्मांध में देखो शोर बढ़ा, ध्वनि राक्षस चहुँओर बढ़ा, अब और न इंसाँ खुद का कब्र बना रे, आ मंदिर,मस्जिद,चर्च और गुरुद्वारे, सब धर्मस्थल से ध्वनि यंत्र हटा रे।। क्यों अंधा बना जहान, बनाता जन्नत को श्मशान, जोड़ हर बस्तु को धर्मो से, लड़ता है सारा इंसान, बस अब और न बहरा […]

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Gaon aur Kisan  

Image credit: Google चल विकसित है कितना,अपना गाँव दिखाते हैं, हिम्मत है तो चल तुमको,शमशान दिखाते हैं| संसद में कुर्सी पर बैठे करते सभी लड़ाई, पाँच साल के बाद दिखाते, अपनी सब प्रभुताई, कागज़ पर क्या गाँव दिखाते, कृषक का बेहतर हाल दिखाते, रहमदिल हो कितने हमपर, झूठे तुम क्यों ख्वाब दिखाते, चल मुर्दों से […]

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Kutte mere Gaon ke

Image credit: Google भों-भों कर सब कुत्ते दौड़े, सन्नाटे बीच मुझको घेरे, वापस चार साल के बाद था आया गाँव में, आकर लिपट गए सब कुत्ते मेरे पाँव में।२ धूल से मेरे पाँव सने थे, छाती पर कुछ पाँव पड़े थे, सुनसान गलियाँ थी, कुत्तों के संग मेरे पाँव खड़े थे, पटक,पटक कर पूंछ दिखाते, […]

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Quotes 12

दुनियाँ की तमाम जंग जितने एवं  सम्पूर्ण शक्ति संपन्न होने के बावजूद भी हम जीवन में कोई जंग  तब हार जाते हैं  जब  सामने कोई अपना खास हो।।      Follow my writings on https://www.yourquote.in/madhusudan_aepl #yourquote

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Yaaden/यादें

मिटकर भी फूल खुशबू छोड़ जाते हैं, हवाओं में अपनी रंगत घोल जाते हैं, आते हैं फूल कई ऐसे ही जीवन में, जाने से पहले खुशबू छोड़ जाते हैं।। उनकी ये खुशबू सदा संग रहती है, दिल की तिजोरी में बंद रहती है, आँधी,तूफान उसे मिटा नही पाती, आँसुओं की धार भी बहा नही पाती, […]

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Tarasti Ankhen/तरसती आँखें

मिटटी के खिलौने छूटे छूट गया संसार अपना बचपन का, कितना प्यारा था संसार अपना बचपन का। मिटटी के थे खेल खिलौने, हम भी मिटटी जैसे, मिटटी की गाडी लगती थी, सोने से भी अच्छे, पता नहीं कब दूर हुई, हमसे अमरुद की डाली, पता नहीं कब रूठा बचपन, आई जिम्मेवारी, आँखें ढूंढ रही अब, […]

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BHUKH

आज ये पटाखे वही फोड़ रहे हैं जिनके पास खाने की भरी थाली है।भूखे तो बेचारे आज भी पानी पीकर अपनी भूख मिटा रहे हैं। किसी की दीवाली, किसी का दिवाला, किसी की नसीब में, ना आज दो निवाला। !!!मधुसूदन!!! Follow my writings on https://www.yourquote.in/madhusudan_aepl #yourquote Follow my writings on https://www.yourquote.in/madhusudan_aepl #yourquote

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DARD/दर्द

Image credit:Google चैन दिन में कहीं अब तो आती नहीं, नींद रातों में भी मुझको आती नही, क्यूँ बताएं कि है किस तरह जिंदगी, जब हमारी तुम्हें याद आती नहीं। जब हमारी तुम्हें याद आती नहीं।। चाँदनी रात सी थी अमावस कभी, ग्रीष्म भी शीत सी लग रही थी कभी, अब हमें पूस ठंडक दिलाती […]

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Betiyan

बेटियाँ, बेटियाँ, बेटियाँ, आधी आबादी संसार की, जिसपर, कुछ संरक्षक धर्म और समाज के, पाँव में बेड़ी लगाया है, अस्तित्व जो पुरुषों की, उसको, घूंघट और बुर्का पहनाया है, वैसे तो कल भी, कुछ बेटियों को आजादी थी, बहुत सी बेटीयों पर आज भी, और कल भी, पुरुष मानसिकता हावी थी, बावजूद, जब-जब मौका मिला, […]

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Anokhe Prem ka Dand

Images credit: Google कैसे कहूं आज कितना, ख़ुशी का दिन है, मानो चौदह वर्षों बाद, कोई मिलन का दिन है, मन में हजारों भाव, मानो मशीन लगी हो पाँव, तीन बजे सुबह से ही छटपट, पसीने से लतपथ, घर को सजाती, मन पसंद ब्यंजन बनाती, पता है आने का समय फिर भी, किसी भी आहट […]

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बचपन की यादें/Bachpan ki yaaden

Image Credit: Google नटखट थे पर अच्छे थे, क्योंकि यारों हम बच्चे थे। आ रूठ गए हम,मुझे मनाकर देखो ना, दिल ब्याकुल है तुम गले लगाकर देखो ना, हम भी लड़ते पर,पल में मिलजुल हँसते थे, नफरत दिल में कल तक ऐसे ना रखते थे, कल सीधे थे ,हम सच्चे थे, क्योंकि यारों हम बच्चे […]

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