ANJAANA/अनजाना!

मुझसे भी मेरे दिल का खास,हुआ है कोई।मौसम संग बदले सारे ख्वाब,दुआ है कोई।आते वे पास,हम ना होते इस जहान में,एक साथ चाँद कई दिखते आसमान में,उनकी अदाएं,बातें,आँखें,मुस्कुराहटें,अस्त्र विचित्र,ध्वस्त गुरुर की इमारतें,खुले बज्र जैसे दिल के किवाड़,खुदा है कोई?मौसम संग बदले सारे ख्वाब,दुआ है कोई।कैसी ये रुत कैसी आई ये उमरिया,खुद से भी प्यारी लगे […]

Posted in Hindi Poem, UncategorizedTagged , 29 Comments on ANJAANA/अनजाना!

CHUPPI/चुप्पी

सुना है श्रद्धा हो मन में तो रबपत्थर में मिल जाते हैं,प्रेम की भाषा इंसां क्या,पशु-पक्षी,जानवर भी समझ जाते हैं,माँ खुश होती,जब बच्चा दूध पी लेता,दानी खुश होता जब जरूरतमंद को कुछ दे देता,प्रफुल्लित होती नदियाँ,किसी की प्यास मिटाकर,झूम उठते वृक्ष,अपना फल खिलाकर,हिम ना पिघलता,नदियों का कोई वजूद नही होता,तुम ना होते,इन शब्दों का भीकोई […]

Posted in Hindi Poem, UnexpectedTagged , 43 Comments on CHUPPI/चुप्पी

Lock-down/लॉक-डाउन

लॉक डाउन,मगर कुछ भी नही ठहरा,ना वक्त,ना जिंदगी,और ना ही मौत!हम भी कहाँ ठहरे,किसी के कदम चल रहे,किसी के कलम,किसी के आँसूं,और किसी की राजनीत!यूँ कहें तोलॉक डाउन है,मगर जिंदगी पहले से कहीं ज्यादा बेचैन है,और बेचैन है,वक़्त,मौत,कलम,पांव,आँसूऔर राजनीति भी पहले से कहीं ज्यादा!!!!मधुसूदन!!!

Posted in UnexpectedTagged 36 Comments on Lock-down/लॉक-डाउन

UN-EXPECTED/अप्रत्याशित

Image Credit : Google मैंने ख्वाबों में भी ना ये सोचा कभी, इस तरह पास आओगे तुम, पास आकर लगाकर गले से मुझे, इस तरह भूल जाओगे तुम। हम अंधेरे में लाखों जलाए दिए, फिर भी रौशन नही ये निशा है, तूने ख्वाबों में भी क्यों ना सोचा कभी, तेरे बिन मेरी दुनियाँ कहाँ है, […]

Posted in DIL, Love, UnexpectedTagged , 26 Comments on UN-EXPECTED/अप्रत्याशित

Unexpected/अप्रत्याशित खुशी

Image Credit: Google Cont…..to Read part..2 चाहतें इश्क की उस रैन का कह दूँ कैसे, प्यास कैसी जिगर,मन,नैन का कह दूँ कैसे, नैन दो नैन से जी भर भी मिल नही पाए, ढल गई रात कब सुबहां हुई कह दूँ कैसे। मखमली सेज पर,मखमल मचलते देखा, यकीं नही थी आँखों को,अपलक देखा, चाँद अम्बर तले […]

Posted in DILTagged , 37 Comments on Unexpected/अप्रत्याशित खुशी

KYA LIKHUN/क्या लिखूँ

प्रेम लिखूँ या किसी का ममत्व, नफरत लिखूँ या किसी का अपनत्व, अपनी उमड़ती भावनाओं को, किस ओर ले जाऊँ, ऐ कविता तूँ ही बता तुझे किन शब्दों से सजाऊँ? चाहूँ तो लिख ना पाऊँ, ना लिखूँ तो चैन से रहने नही देती, कभी शरमा कर, कभी मुस्कुराकर, कभी क्रोध में, कभी शोक में,ना लिखूँ […]

Posted in LekhniTagged 59 Comments on KYA LIKHUN/क्या लिखूँ

अनपेक्षित

Image Credit : Google हम उसे ढूँढ लूँ दुनियाँ में जो हमसे भूल गया, हम उसको कैसे ढूँढ सकें जो मुझको भूल गया। आँखों का कह दें धोखा या है दुनियाँ का दस्तूर, पलकों पर रहनेवालों का दुर्लभ चरणों का धूल, जीवन अर्पण कर दी जिसपर ओ मंज़िल छूट गया, हम उसको कैसे ढूंढ सकें […]

Posted in Jiwan DarpanTagged 24 Comments on अनपेक्षित