Ansu/आँसूं

आँखों में दो बूंद है पानी,आंसू बनकर बहते हैं, उसको ना पहचान सके जो आँखों में ही रहते है।   किश्ती में हैं घूम लिया,सागर में उम्र गुजारा है, फिर भी देख मुशाफिर कैसे,सागर ना पहचाना है, समझ सका ना ख़ुशी है या फिर,जख्म जिगर में गहरे है, उसको ना पहचान सके,जो आँखों में ही […]

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