Kora Kaagaj
Image Credit : Google जीवन कोरा बिन अपनों के, जैसे कोरा कागज, धरती की ना प्यास बुझाये, बिन पानी के बादल, ख्वाब बिना पानी के बादल, आँख खुले तड़पाते, क्या लिखूँ मैं याद में तेरी,शब्द मुझे तरसाते।1 लिखना चाहूं,लिख ना पाऊं, जज्बातों को मैं उकसाऊं, पढ़कर तुमको तेरा होकर, ख्याल हजारों आतें, क्या लिखूँ मैं […]
Posted in Jiwan Darpan48 Comments on Kora Kaagaj
