BIKHRAAV/बिखराव

बना हिन्दू का कोई मुसलमान का, कोई जाति का नेता बना है, हाय कैसी ये किश्मत वतन की मेरे, हिन्द टुकड़ों में फिर से बंटा है।।1 कल थे राजा बंटे, सब अहम् में अड़े, एक मरता तो दूजा, जश्न कर रहे, कल बंटा था रियासत वह कुछ भी नहीं, जाति,धर्मों में घर अब बंटा है, […]

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