Aas kaa Diya/आस का दीपक

Image credit: Google जब तूँ आये मेरी जिंदगी में, कील भी गुदगुदाने लगी थी, छोड़ तूँ जब गए जिंदगी से, फूल भी अब सताने लगी हैं। जब तूँ आये मेरे जिंदगी में,कील भी गुदगुदाने लगी थी। रेत ही रेत थी जिंदगी में, मरुभूमि गुलिस्ताँ बनी थी, छोड़ जबसे गए रेत भी ये, मुझसे दामन छुड़ाने […]

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Apnapan/अपनापन

संसार की सभी भाषाएँ अनमोल और रसभरे हैं, जिसका महत्व वही जान सकते हैं जो उसे बोल और समझ पाते हैं।अगर मैं अपनी बात करूँ तो रोटी हमे अंग्रेजी से आती है और हिन्दी मुझे अपनापन का आभास दिलाती है। दुश्मन भी बोले बोल,अकड़कर हिंदी में, अपना सा लगता है, गर अपने बोले बोल,चहककर परदेशी, […]

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