Majburi/मजबूरी

Image credit:Google बाबू एक रुपया दे दो, हमसे लाख दुआएँ ले लो, भूखे हम तो सो रहे हैं कल रात से, चूल्हा घर में जला ना कल रात से।2 एसी बस और रेलगाड़ी, बढ़ते दूजी ओर भिखारी, खुश हैं अफसर और धनवान, दुख में हैं मजदूर,किसान, नियत देख बनी है कैसी सरकार के, चूल्हा घर […]

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