Tarasti Ankhen/तरसती आँखें

मिटटी के खिलौने छूटे छूट गया संसार अपना बचपन का, कितना प्यारा था संसार अपना बचपन का। मिटटी के थे खेल खिलौने, हम भी मिटटी जैसे, मिटटी की गाडी लगती थी, सोने से भी अच्छे, पता नहीं कब दूर हुई, हमसे अमरुद की डाली, पता नहीं कब रूठा बचपन, आई जिम्मेवारी, आँखें ढूंढ रही अब, […]

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Bharat Gatha (Part.2)

Click here to read part..1 Images credit: Google. आर्य-द्रविड़ की धरती भारत, सोने की चिड़ियाँ थी भारत, पड़ी विश्व की नजर कथा उस जम्बूद्वीप की गाता हूँ, रौंद दिया सभ्यता उसी भारत की हाल सुनाता हूँ|२ एक ने नारी हरण किया, दूजे ने नँगा नाच किया, तीजे ने अपनी बहना को, कारागृह में डाल दिया, […]

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