Smaran Lauh Purush ki/स्मरण लौह पुरुष की

हम इंसानों में कोई खासियत हो ना हो,कमी निकालने की हुनर कूट-कूटकर भरी होती है। सामने अगर भगवान् आ जाएं कमियां हम उनमें भी ढूंढ लेते हैं। मगर कभी-कभी ऐसे हुनर को दरकिनार कर हमें उन युगपुरुषों को जरूर स्मरण करना चाहिए जिन्होंने देश की स्वाधीनता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। ऐसे ही […]

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Naari ka Dard

कैसा ये संसार किया है, जुल्म का सीमा पार किया है, तेरी बिटिया,बहन सिसककर, तुम्हें जताने आयी है, बसकर जुल्म न सहना अब ये,तुझे बताने आयी है, बसकर जुल्म न सहनाअब ये ……। युग बदला इंसान बदल गए, गीताज्ञान किताब में रह गए, पश्चिमवादी सोंच में अब तो, नारी के सम्मान बदल गए, तड़प रही […]

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Benakaab

ham hain shaanti ke pujaaree, jaise baal bramhachaaree, roop daity kyon badal ,ban gayee hai menaka .1 saara vishv hai hamaara ,ham hain vishv ke nivaasee, nahin bair hamen bair kyon, sikhaatee menaka .2 dekh shaanti ko adig,teree buddhi huyee ksheen, roop jang ka kyon chhal se,dikhaatee menaka.3 jan-jan hue trast, kiya roop too beebhats, […]

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KAISA PANCH/कैसा पंच

जब नफरत दिल में भरे हुए, अजान सुनाकर क्या होगा, जब दिल में तेरे प्रेम नहीं, घँटे को बजाकर क्या होगा। संसार बनाया है जिसने, हमसब का भी निर्माण किया, हर जीव में जान बसी जिसकी, उसने ही हम में प्राण दिया, इतना जब हम ना समझ सके, पूजन भगवन का क्या होगा, जब दिल […]

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Anndaata/अन्नदाता

गोरे बदन जब काले हो जाते, तन पर के कपड़े भी चिथड़े हो जाते, सूरज की ताप जब हार मान जाती है, तब जा के खेतों में पौध लहलाती है, तब जा के खेतों में पौध लहलाती है। खेतों में पौधों को सींचता है ऐसे, थाली में मोती सजाता हो जैसे, खून-पसीने से फसल जब […]

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Maa ka Pyaar

आज इंसान अपनों से कोसों दूर रोजी-रोटी की जुगाड़ में चला जा रहा है,जहाँ अपने माँ बाप को चाहकर भी नहीं रख पाता। माँ-बाप को भी अपना गांव छोड़ा नहीं जाता।अचानक वह इंसान अपनी माँ की मृत्यु की खबर सुन तड़पने लगता है। अब आगे उसी की जुबानी——- कितने थे अंजान प्रेम से,आज ये हमने […]

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Maa

ऐ माँ बोल बता मुझको मै,तेरा क्या सम्मान करूँ, ममता,त्याग,तपस्या की माँ,कैसे मैं गुणगान करूँ। बचपन से तुमसे ही सीखा, सीख मैं कितना बतलाऊँ, कितना प्यार किया तुम मुझको, कैसे उसको दुहराऊं, मुझे खिलाती फिर तू खाती, मेरे हक में तू लड़ जाती, दर्द कभी हो मुझको माँ फिर, रात तुम्हारी दिन बन जाती, सच […]

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Yaadon ka Bavander

चाँद शीतल ना जलता रवि हूँ, ना ही शायर ना कोई कवि हूँ, धुन समझा नहीं,भाव जाना नहीं, है अलंकार क्या मैंने जाना नहीं, छंद क्या है ना मुझको पता है, दिल ने समझा वही लिख दिया है, तू है Digital मेरी मैं तेरा ‘C’ बात कुछ भी नहीं है जरा सी, दिल तड़पता रहा,दर्द […]

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Bharat Gatha (Part.1)

Images credit: Google आर्य-द्रविड़ की धरती भारत, सोने की चिड़ियाँ थी भारत, पड़ी विश्व की नजर कथा उस जम्बूद्वीप की गाता हूँ, रौंद दिया सभ्यता उसी भारत की हाल सुनाता हूँ|२ कर्मप्रधान धरा भारत की, जिसको माँ हम कहते हैं, जहां जन्म लेने को ईश्वर, भी लालायित रहते हैं, मीठे जल-नद,पर्वत,सागर, हरे-भरे वृक्षों का भारत, […]

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SANDESH PREM KA

दीप से जलती बाती बोली, हम भी आ कुछ कर जाएं, जबतक साँस हमारे हम, आ जग को रौशन कर जाएं। जगह-जगह पर घोर अंधेरा, छाया है जिन राहों में, चला बटोही राह पकड़, आ बिछ जाएं उन राहों में, अंत हमारा भी निश्चित, उससे पहले कुछ कर जाएं, जबतक साँस हमारे हम, आ जग […]

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Yaaden

जलता दीपक भी मुस्काता, मेरी खुशियों खातिर, अंतर्मन में झाँक के देखो, मैं जलती दिन राती।1 चकाचौंध में खो बैठे तुम, भूल गए सब वादे, हंसी हमारी छीन लिया क्यूँ, क्या थी भूल बता दे, तुम हँसते मुस्कान छीन, क्यूँ याद तुम्हें ना आती, अंतर्मन में झाँक के देखो, मैं जलती दिन राती।2 तुझे मुबारक […]

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BHUKH

आज ये पटाखे वही फोड़ रहे हैं जिनके पास खाने की भरी थाली है।भूखे तो बेचारे आज भी पानी पीकर अपनी भूख मिटा रहे हैं। किसी की दीवाली, किसी का दिवाला, किसी की नसीब में, ना आज दो निवाला। !!!मधुसूदन!!! Follow my writings on https://www.yourquote.in/madhusudan_aepl #yourquote Follow my writings on https://www.yourquote.in/madhusudan_aepl #yourquote

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Diwali

दीप जला हम ख़ुशी मनाते, दीपक के संग हम मुस्काते, एक साल की पड़ी गन्दगी, को घर से हम दूर भगाते। साफ़ किया घर मिहनत से, क्या मन से गंध मिटाए हम, जब भी सोंच गयी इस पर, तब घोर अन्धेरा पाए हम। रौशन तो कर दिया जमाना, अन्धकार भागा है, मन के अंदर देख […]

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परिवर्तन/Pariwartan

आशियाना बदलते रहे उम्र भर,कुछ भी बदला नहीं, हम बदलते रहे धर्म और जातियां,कुछ भी बदला नहीं । हम अकेला चले कारवां बन गया, देखते-देखते ये जहाँ बन गया, जब जुआरी थे हमको जुआरी मिला, जब बने हम शराबी शराबी मिला, हम जैसा थे वैसा जहां बन गया,कुछ भी बदला नहीं, हम बदलते रहे धर्म […]

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Rishtey

जब से है दुनियाँ जब से है हम, हमसे है रिश्ते रिश्तों से हम, हम से ही बनते बिगड़ते हैैं रिश्ते, किसको कहें कैसे मिटते हैं रिश्ते, दिमाग से बने रिश्ते कभी टिकटे नहीं, दिल से बनें रिश्ते कभी मिटते नहीं, वैसे तो मिटानेवाले कुछ भी मिटा देते हैं, दूध का कर्ज,माँ का दर्द भुला […]

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DARD/दर्द

Image credit:Google चैन दिन में कहीं अब तो आती नहीं, नींद रातों में भी मुझको आती नही, क्यूँ बताएं कि है किस तरह जिंदगी, जब हमारी तुम्हें याद आती नहीं। जब हमारी तुम्हें याद आती नहीं।। चाँदनी रात सी थी अमावस कभी, ग्रीष्म भी शीत सी लग रही थी कभी, अब हमें पूस ठंडक दिलाती […]

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Dhairya ki Seema

धार तेज नदियों की चाहे, कोई दुर्गम घाटी हो, बाँध बना सकते हो उसपर, चाहे गीली माटी हो, मगर जो टूटा बाँध धैर्य का उसको बाँध ना पाओगे, खेल रहा क्यों धैर्य से मेरे,जीवन भर पछताओगे।2 टिप-टिप रिसता नल से पानी, उसे पलम्बर बंद करे, जब रिसता है आंख से पानी, कौन पलम्बर बंद करे, […]

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Bewfa

क्या बात है…?क्या हुआ…? आज ऐसे क्यों देख रहे हो, इतने उदास क्यों हो–? वे सामने बैठे, हमसे सवाल करते रहे, हम मौन अपलक उन्हें, देखते रहे, दिल में हजारों सवाल, सुनामी की तरह सबकुछ, बहा ले जाने को तत्त्पर, जिसे मुश्किल से रोक हम, अंदर ही अंदर सिसकते रहे, कितना यकीन था इनपर, क्यों […]

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