हिंदी हमारी जान

हिंदुस्तान में रहते खुद को गर्व से कहते हिन्दुस्तानी, हिंदुस्तान में रहकर कैसे,गौरवान्वित है इंग्लिश वाणी। कदम-कदम पर खान-पान, हर कदम अलग सा भाषा है, रंग बिरंगे उत्सव का संगम, भारत कहलाता है, उन्नीस सौ उन्चास में फिर भी, हिंदी को सम्मान मिला, संबिधान भारत का इसको, राष्ट्रभाषा स्वीकार किया, फिर हम उन्नीस सौ तिरपन […]

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JAI HO

Imqge Credit :Google धरती मेरी गगन हमारा,महक रहा है चमन हमारा, सदियों का एक ख्वाब,हकीकत बन कर आया आज, आजादी का जश्न जुबाँ पर सिर्फ एक अल्फाज, वन्देमातरम, वन्देमातरम,वन्देमातरम,वन्देमातरम। मिला हमें आजाद वतन था दो दिन का संग्राम नहीं, खुली हवा,उन्मुक्त गगन था मिलना ये आसान नहीं, कितने लाल धरा पर मिट गए आजादी को […]

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Batukeshwar Dutt/बटुकेश्वर दत्त

Image Credit : Google सन 1965 में बटुकेश्वर दत्त के मौत और अपने समाधिस्थल के पास उनकी समाधि को देख 1929 में ब्रिटिश सभा में हुए बम विस्फोट के सहयोगी साथी राजगुरु,सुखदेव और भगत सिंह हर्षित होकर शायद उनसे यही पूछ रहे होंगे——– ऐ बटुकेश्वर यार बता हालात वतन की कैसी है, देखा तूँ आजाद […]

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Sainik Ki Lalkaar

Image Credit :Google हे भारत माँ के राजतिलक,पालक खुद का अपमान ना कर, अब छदम युद्ध की ज्वाला में हम सैनिक को कुर्बान ना कर। हम भारत माँ के पुत्र हैं इसके, शान में कुछ भी कर जायें, हम भूल के अपनों के हर गम, खुद को न्योछावर कर जायें, आजाद,भगत हर एक सैनिक, फौलाद […]

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SAMAY/समय

Image Credit: Google समय है इतिहास को दोहराता है, कुछ सबक ले मंजिल को पाते हैं कुछ सदैव नीर बहाता है, समय है इतिहास को दोहराता है। कल पृथ्वीराज चौहान-जयचन्द, महाराणा प्रताप-मानसिंह जैसे अनगिनत वीर होकर भी गुलामी से बचा नहीं पाए, कुछ अपने अहम में चूर और पृथक थे, सबको अपने संख्याबल का मिथक […]

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Desh-Drohi/देशद्रोही

Image Credit: Google कुछ थे कल मतलबी आज भी हैं वही, स्वार्थ की कब्र पर मिट रही है जमीं, कितने नफरत में वे घिर गए है, कल भी बदले नहीं आज भी हैं वही। लोग आते रहे लूट जाते रहे, कितने जीवन को पल में मिटाते रहे, फिर भी एक दूसरे को झुकाने में हम, […]

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CHETAK/चेतक

Click here to Read part..6 Image Credit : Google कोटि प्रयास करने के बावजूद घायल चेतक के नहीं उठ पाने पर बिलाप करते राणा-– हाय चेतक मेरे मुझसे बिन कुछ कहे, कैसे दुनियाँ से तुम जा रहा है, देख मुझको जरा,क्या हुआ है दशा, दर्द कितना दिए जा रहा है, कैसे दुनियाँ से तुम जा […]

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Haldighati ka Sangram (Part..6)

Click here to Read part..5 Image Credit : Google पराधीन रहना ना जाना, जीते जी वह हार ना माना, त्याग सुख महलों की जिसने,खाई रोटी घास की, दोहराता हूँ कथा वीर उस महाराणा प्रताप की|२| दुश्मन बीच अकेला राणा को संकट में जानकर, झालावाड़ के मन्ना जी संग आये सीना तानकर, मुकुट बदल झट पहन […]

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Haldighati Ka Maidan (Part.5)

Click here to Read part..4 Image Credit : Google पराधीन रहना ना जाना, जीते जी वह हार ना माना, त्याग सुख महलों की जिसने,खाई रोटी घास की, दोहराता हूँ कथा वीर उस महाराणा प्रताप की|२| थककर सलीम ने तोपों को आखिर में किया इशारा था, गोलों की बारिस के आगे मेवाड़ी हुआ बेचारा था, थे […]

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HALDIGHATI (Part..4)

Click here to Read part..3 Image Credit : Google पराधीन रहना ना जाना, जीते जी वह हार ना माना, त्याग सुख महलों की जिसने,खाई रोटी घास की, दोहराता हूँ कथा वीर उस महाराणा प्रताप की|२| भाई राणा के शक्ति,जगमाल मिले जा अकबर से, झोक दिया पूरी ताकत,राणा पर अपना अकबर ने, राणा के संग भील […]

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Maharan Pratap (Part -3)

Click here to Read Part-2 Image Credit : Google पराधीन रहना ना जाना, जीते जी वह हार ना माना, त्याग सुख महलों की जिसने,खाई रोटी घास की, दोहराता हूँ कथा वीर उस महाराणा प्रताप की|२| मुग़ल बादशाह अकबर का राणा आँखों के काँटा थे, एकछत्र शासन करने में महाराणा ही बाधा थे, बड़े बड़े राजे-रजवाड़े […]

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Maharana Pratap ( Part-2)

Click here to read part ..1 Image Credit : Google पराधीन रहना ना जाना, जीते जी वह हार ना माना, त्याग सुख महलों की जिसने,खाई रोटी घास की, दोहराता हूँ कथा वीर उस महाराणा प्रताप की|२| जयवंता माँ,पिता उदय सिंह कुम्हलगढ़ स्थान, पन्द्रह सौ चालीस नौ मई को जन्मा वीर महान, धन्य तिथि वह शुभदिन […]

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Maharana Pratap (Part-1)

Image Credit : Google पराधीन रहना ना जाना, जीते जी था हार ना माना, त्याग सुख महलों की जिसने,खाई रोटी घास की, दोहराता हूँ कथा वीर उस महाराणा प्रताप की|२| स्वर्णअक्षरों में अंकित,इतिहास भी शीश झुकाता है, जो मातृभूमि की शान में अपनी,हँसकर शीश कटाता है, धरती वीरों से भरी पड़ी,इतिहास भरी गाथाओं से, भारत […]

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Tadapta Insan, Sisakta Loktantra

Image Credit : Google कितनी हमको उम्मीद भरी थी लोकतंत्र, तुम भी छल बैठे, क्यों भूल हमें तुम गोद में टोपीवाले की, आखिर चढ़ बैठे।। चाहत थी निर्धन का तुम, साथ निभाओगे, मजदूर,कृषक का तुम दीपक बन जाओगे, जन्नत जैसी थी गांव उसे भी लोकतंत्र, तूँ मरघट कर बैठे, क्यों भूल हमें तुम गोद में […]

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Chaturayee Chandvardayi ki/चतुराई चंदवरदाई की

Click here to Read part 5 Image credit: Google हिन्द का अंतिम हिन्दू शासक वीर,धीर,बलवान, नाम से वाकिफ दुनियाँ सारी है भारत का शान, कहता राय पिथौरा कोई,कोई पृथ्वीराज चौहान, वीरों में है वीर महान,गाउँ मैं उसका गुणगान। सखा धर्म के नाते चंदवरदाई साथ खड़ा था, कवि हृदय था मित्र प्रेम में,कारागार पड़ा था, भारत […]

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Garh Pithora/गढ़ पिथौरा

Click here to Read part.. 4 Image credit: Google आर्य-द्रविड़ की धरती भारत, सोने की चिड़ियाँ थी भारत, पड़ी विश्व की नजर कथा उस जम्बूद्वीप की गाता हूँ, क्रूर मुहम्मद गोरी और चौहान का शौर्य सुनाता हूँ|| कैद हुए जब पृथ्वीराज तब रण में मातम छाया, काल के जैसे सैनिक का भी सुनकर दिल घबराया, […]

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Durg men Sanyogita

Click here to Read part ..3 Image credit: Google आर्य-द्रविड़ की धरती भारत, सोने की चिड़ियाँ थी भारत, पड़ी विश्व की नजर कथा उस जम्बूद्वीप की गाता हूँ, क्रूर मुहम्मद गोरी और चौहान का शौर्य सुनाता हूँ|| कौन धर्म कहता है दूसरे धर्मों का अपमान करो, नारी और उनके बच्चों संग दानव सा व्यवहार करो, […]

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Tarayeen ka Sangram

Click here to Read part 2 Image credit: Google हिन्द का अंतिम हिन्दू शासक वीर,धीर,बलवान, नाम से वाकिफ दुनियाँ सारी है भारत का शान, कहता राय पिथौरा कोई,कोई पृथ्वीराज चौहान, वीरों में है वीर महान,गाउँ मैं उसका गुणगान। वीरों से थी भरी धरा,था अद्भुत अपना हिन्द, मगर एक ना हो पाये हम,रोता अपना हिन्द, आपस […]

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Sanyogita Swayamber/संयोगिता स्वयंवर

Click here to Read part 1 Image credit: Google हिन्द का अंतिम हिन्दू शासक वीर,धीर,बलवान, नाम से वाकिफ दुनियाँ सारी है भारत का शान, कहता राय पिथौरा कोई,कोई पृथ्वीराज चौहान, वीरों में है वीर महान,गाउँ मैं उसका गुणगान। शौर्य की गाथा पृथ्वीराज का भारतवर्ष में छाया, मन ही मन कन्नौज किशोरी का दिल उसपर आया, […]

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PRITHVIRAJ CHOUHAN (Part-1)

Image credit: Google हिन्द का अंतिम हिन्दू शासक वीर,धीर,बलवान, नाम से वाकिफ दुनियाँ सारी भारत का है शान, कहता राय पिथौरा कोई,कोई पृथ्वीराज चौहान, वीरों में है वीर महान,गाउँ मैं उनका गुणगान। सिंह वक्ष,हस्ती बल बाजू,ऐरावत सी चाल, चीते जैसी फुर्ती,आँखे जैसे देखे बाज, निर्बल के वे बल थे,दुष्टों के थे काल समान, खड्ग बुझाती […]

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