Naman Viron ko

Images Credit : Google. मिट्टी की शान बचाने में, लड़कर शहीद हो जाता है, मिट्टी की आन बचाने में, जौहर कोई कर जाता है, वे दोनों ही हैं जान मेरे,उनको जाति में मत तोलो, हे भरतवंश के राजतिलक,अब भी नफरत अपना छोड़ो।।1 जिस घर के थे वे वीर उन्हें, थोड़ी सी आन दिखाने दो, जिस […]

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A Wife of Army

Image credit :Google मेरे दिल में वे बसते,उनके दिल भारत बसता है। फौजी की पत्नी हूँ मेरे,दिल में दो दिल बसता है। जख्मी हो भारत तो आँखें, दर्द बयाँ कर जाती है, जख्मी हों वे सरहद पर तो, बहुत उदासी छाती है, सबकी नींद है आँखों में, मेरी आँखों में नींद कहाँ, उनके दिल से […]

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BIKHRAAV/बिखराव

बना हिन्दू का कोई मुसलमान का, कोई जाति का नेता बना है, हाय कैसी ये किश्मत वतन की मेरे, हिन्द टुकड़ों में फिर से बंटा है।।1 कल थे राजा बंटे, सब अहम् में अड़े, एक मरता तो दूजा, जश्न कर रहे, कल बंटा था रियासत वह कुछ भी नहीं, जाति,धर्मों में घर अब बंटा है, […]

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Maa Bharti

हैं दोनों ही संतान मेरे, एक वे भी हैं एक तुम भी हो, हो दोनों ही अरमान मेरे,एक वे भी हैं एक तुम भी हो। एक खून की होली खेल गए, जंजीर गुलामी तोड़ गए, माँ के आंसू के बदले में, हंसकर शूली पर झूल गए, एक रोज रुलाया करते हैं, अपनों पर हमला करते […]

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Smaran Lauh Purush ki/स्मरण लौह पुरुष की

हम इंसानों में कोई खासियत हो ना हो,कमी निकालने की हुनर कूट-कूटकर भरी होती है। सामने अगर भगवान् आ जाएं कमियां हम उनमें भी ढूंढ लेते हैं। मगर कभी-कभी ऐसे हुनर को दरकिनार कर हमें उन युगपुरुषों को जरूर स्मरण करना चाहिए जिन्होंने देश की स्वाधीनता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। ऐसे ही […]

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Benakaab

ham hain shaanti ke pujaaree, jaise baal bramhachaaree, roop daity kyon badal ,ban gayee hai menaka .1 saara vishv hai hamaara ,ham hain vishv ke nivaasee, nahin bair hamen bair kyon, sikhaatee menaka .2 dekh shaanti ko adig,teree buddhi huyee ksheen, roop jang ka kyon chhal se,dikhaatee menaka.3 jan-jan hue trast, kiya roop too beebhats, […]

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HAHAKAAR

क्यों  बैठे  हो  मन को  मार, नई नही  ये  हाहाकर, सदियों से देखी धरती माँ,अनगिनत ही अत्याचार। खून की नदियाँ बहुत बही है, ऋषियों की इस धरती पर, एक से बढ़कर एक दुष्ट, पहले भी आये धरती पर, सत्य ढका कुछ पल को फिर, दुष्टों में मच गई चीख पुकार, क्यों बैठे हो मन को […]

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HINDI HAMARI JAAN/हिंदी हमारी जान

हिंदुस्तान में रहते गर्व से कहते खुद को हिन्दुस्तानी, हिंदुस्तान में रहकर कैसे,गौरवान्वित है इंग्लिश वाणी। कदम-कदम पर खान-पान, हर कदम अलग सा भाषा है, रंग बिरंगे उत्सव का संगम, भारत कहलाता है, उन्नीस सौ उन्चास में फिर भी, हिंदी को सम्मान मिला, संबिधान भारत का इसको, राष्ट्रभाषा स्वीकार किया, फिर हम उन्नीस सौ तिरपन […]

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Sarhad

उत्तर, दक्षिण, पूरब, पश्चिम, है दुश्मन के घाट-घाट, मेरे राम-रहीमा,………थाम ले हमरी बांह ……रे मोरे राम रहीमा………..थाम ले हमरी बांह।। ये धरती है राम का जिसने, रावण का सहार किया, भूल गयी दुनियां कृष्ना ने, यहीं से गीता ज्ञान दिया,2 इस पावन धरती पर अब तो, दुश्मन देखे झांक-झाँक, मेरे राम-रहीमा,………थाम ले हमरी बांह ……रे […]

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Tiranga Hamari Jaan

Image credit .google जब तलक है तिरंगा है शान मेरा,तेरे क़दमों मेंअर्पित है जान मेरा। यूँ तो टुकड़ों में कल आज भी हैं बंटे, धर्म जाति से ऊपर नहीं उठ सके, क्या हुआ क्षेत्र में हम हैं बिखरे हुये, हैं मगर इस तिरंगे में सिमटे हुये, इस महापर्व पर है शान मेरा,तेरे क़दमों में अर्पित […]

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Antarkalah

क्या क्या सहा ये वतन हँसते-हँसते, किसे ये दिखाये जखम हँसते-हँसते। जिगर में जिसे अपना इसने बसाया, माथे की बिंदिया जिसे था बनाया, कभी नाज़ करती जहाँ,जिसके बल पर, उसी ने उजाड़े खुशी इस चमन के किसे ये दिखाये जखम हँसते-हँसते। सदियों से देखी कई सभ्यताएँ, ढली ये स्वयं जैसा हमने बनाये, कई सरहदों में […]

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मेरी जान हिंदुस्तान/Meri jaan Hindustaan

हम हिन्द के निवासी मेरी जान कहाँ है, कहते हैं जिसे माँ ओ हिंदुस्तान कहाँ है।  ऋषियों की तपोभूमि है जो राम का जहां, बजती है प्रेम बासुरी वह कृष्ण की जहां,  जन्मे जहां पर बुद्ध वह जहान कहाँ है,कहते हैं जिसे माँ ओ हिंदुस्तान कहाँ है ।1  कहते कि टूट चुकी है गुलामी की […]

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Nafrat Ka Khel

मिलकर दुर्गंध मिटा देंगे,धरती तो जन्नत सा होगा, जिह्वा जिनकी जहर भरी,उस दानव का फ़िर क्या होगा? हम मुर्ख हैं हम अज्ञानी हैं, हम लापरवाही करते हैं, अपनी सुन्दर सी धरती को, सच है गन्दा हम करते हैं, पर देश से नफरत नहीं हमें, है नाज हमें उन सैनिक पर, वे गोली खाते रहते हैं, […]

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JHANSI KI RANI

Image Credit : Google बिजली जैसी चमक रही थी,हांथों में जिसकी तलवार, झांसी की रानी थी सुनलो लक्ष्मीबाई की ललकार। वीरों की धरती भारत में,वीर-धीर थी एक रानी, मणिकर्णिका,लक्ष्मीबाई,नाम छबीली एक रानी, भागीरथी माँ,पिता मोरोपंत की संतान अकेली थी, शास्त्र,शस्त्र की शिक्षा,बचपन में ही उसने ले ली थी, कानपूर की नानासाहेब की,मुँहबोली थी बहना, बरछी,तलवारों […]

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Nothing Without Nation

Image Credit : Google हैं कोमल-नाजुक पत्ते हम, हमसे खूबसूरती डाल की, गर टूट गए डाली से हम,फिर कीमत क्या है जान की। हम नाजुक हैं कमजोर नहीं, टकरा जाते तूफानों से, बेशक टकराकर तन अपना, रक्त-रंजित भी हो जाते हैं, आती है घोर बिपत्ति जब भी, हम पर, तरु या डाली पर, एक दूजे […]

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Daldal si Rajneet

कैसी है आजादी जहाँ,आज भी बिबसता है, दलदल बना जाति,धर्म रोज कोई मरता है।।   कहीं छुआ-छूत आज, दंगा कही धर्म का, बीते कई दशक मिला,मरहम नहीं मर्ज का, ज्ञान है अपार कोई बेच रहा साग है, बेजुबान प्राणियों सा बुरा उसका हाल है, कैसी सरकार चली देख धनानंद की, राजतंत्र लौट गयी देख परमानंद […]

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 Democracy

सज के सवंर के दुल्हन सा बनके, जनतंत्र आया दुनिया में हँसके, सोंचा था उसने गगन में उड़ेंगे, राजसी हुकूमत से ऊपर उठेंगे, मगर तख़्त को छोड़ कुछ भी ना बदला, मजहब और जाति में इंसान अटका। कहीं है लाचारी कही पर ग़रीबी, कहीं मौज मस्ती की छाई अमीरी, कहने को जनतंत्र जनता का शासन, […]

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Chaahat

देख हम जा रहे ये वतन छोड़कर,मौत की हमको कोई गिला भी नहीं, कैसी चाहत हमें थी किसे अब कहें, मौत वैसी हमें तो मिला भी नहीं| हम तरसते रहे जंग हम भी करें, गोलियों से कभी बात हम भी करें, कितनी ताकत है उसको दिखाएं कभी, मौत का खौफ दिल में जगाएं कभी, कितना […]

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Kaisi Bebasi

जश्न मना है मौत का ,क्रंदन से धरती-अम्बर डोला, लोकतंत्र की जड़े रक्त रंजित,ब्याकुल जन-मन बोला। कब तक शांत रहोगे तुम,शान्ति की बाते बोलोगे, जन मानस की कीमत कब तक,रेत बराबर तौलोगे, अश्रु की सैलाब में धरती का,आँचल अब भींग गया, हृदय विदारक चीख ने,अम्बर का भी सीना चिर गया, सहन की सीमा पार हुयी,ललकार […]

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Sarhad

Image credit :Google उत्तर,दक्षिण,पूरब,पश्चिम है दुश्मन के घाट-घाट, मेरे राम-रहीमा, थाम ले हमरी बाँह ..रे मोरे राम रहीमा थाम ले हमरी बाँह। जिस धरती पर राम हुए जिसने रावण संहार किया, कृष्ना ने जिस धरती से दुनियाँ को गीता ज्ञान दिया,2 उस पावन धरती पर अब तो दुश्मन देखे झाँक-झाँक, मेरे राम-रहीमा, थाम ले हमरी […]

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