Beti ka Janm (Part1)
एक डाल पर गुलशन में दो कलियाँ है मुश्कायी, बधाई हो बधाई घर में जुड़वा बिटिया आई। बिन बिटिया का आँगन सुना, बिन बहना के भाई, बिन घरनि घर भूत बसे, बहना बिन सुनी कलाई, सावन था सुना बरसों से, खुशियों की बरसात हुई, दो पुश्तों के बाद जहाँ की, रौनक घर में खास हुई, […]
