Jeene ke Kayee Thikaane

मैं भी एक रेस का घोड़ा था,मतवाला हाथी के जैसा, चीते सी फुर्ती मुझमें थी,थी तेज नजर बाजों जैसा, पर दिल कोमल था पत्तों सा,जिसके आगे मैं हार गया, एक मस्त हवा की झोंका पर,तन-मन अपना मैं वार गया | फिर रेस हमारा बिखर गया,मतवाले हम दिल खो बैठे, फिर छोड़ के डाली साथ उड़े,खुद […]

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