Insan aur Sighashan(Part.3)

Click here to read part.2 तिनका तिनका जोड़ के कुटिया,एक बनाता है इंसान, जिसके सिर को छत मिल जाता,कितना इतराता इंसान। कितने ऐसे आज भी जिनके, सिर पर ऐसी घास नहीं, चलते चलते पैर थके, कितने को अब कुछ आस नहीं, आंखें बन जाती है पत्थर,ख्वाब नही पाता इंसान, जिसके सिर को छत मिल जाता,कितना […]

Posted in PoliticsTagged 21 Comments on Insan aur Sighashan(Part.3)