Jindagi ke Rang 

जीवन है सतरंगी आ संग,इसके जश्न मनाले, एक-एक खो जाएंगे फिर,जो भी साथ हमारे। हाथ मे आया और कब खोया, लट्टू,गीली-डंडा, खेल कबड्डी कब आया, कब खोया हाथ से अंटा, पता नही कब कलम मिली कब छूट गया विद्यालय, पता नहीं कब यौवन आयी, कब आया मदिरालय, होठों से कब जाम लगा,साकी थे साथ हमारे, […]

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Jindagi

गुड्डा ​मैं एक घरौंदे का, जिसकी तु प्यारी गुड़िया है, यादों में मेरी तू बसती, तुममे ही मेरी दुनियाँ है, तू रूठ गयी रब रूठ गया, था बना घरौंदा टूट गया, ये मान सका ना पागल दिल, सपनों का सागर सूख गया, कहते हैं सब मैं पागल हूँ, सब कहते तू अब नहीं रही, उस […]

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Insan ki Pukar

Image..Google धरती,अम्बर शुद्ध हवा,पानी फिर भी ना मंगल है, जहाँ नही हक जीने का निर्बल को,फिर वह जंगल है। जंगल मे जीव निकलते घर से, भूखे पेट को चैन कहाँ, क्या भूख मिटेगी या जीवन ही, जीव को इसकी खबर कहाँ, है सजग कान,आंखें चचल, खतरों से है अनभिज्ञ नहीं, है मगर बिबसता भोजन की, […]

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Sarhad

उत्तर, दक्षिण, पूरब, पश्चिम, है दुश्मन के घाट-घाट, मेरे राम-रहीमा,………थाम ले हमरी बांह ……रे मोरे राम रहीमा………..थाम ले हमरी बांह।। ये धरती है राम का जिसने, रावण का सहार किया, भूल गयी दुनियां कृष्ना ने, यहीं से गीता ज्ञान दिया,2 इस पावन धरती पर अब तो, दुश्मन देखे झांक-झाँक, मेरे राम-रहीमा,………थाम ले हमरी बांह ……रे […]

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Tiranga Hamari Jaan

Image credit .google जब तलक है तिरंगा है शान मेरा,तेरे क़दमों मेंअर्पित है जान मेरा। यूँ तो टुकड़ों में कल आज भी हैं बंटे, धर्म जाति से ऊपर नहीं उठ सके, क्या हुआ क्षेत्र में हम हैं बिखरे हुये, हैं मगर इस तिरंगे में सिमटे हुये, इस महापर्व पर है शान मेरा,तेरे क़दमों में अर्पित […]

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Antarkalah

क्या क्या सहा ये वतन हँसते-हँसते, किसे ये दिखाये जखम हँसते-हँसते। जिगर में जिसे अपना इसने बसाया, माथे की बिंदिया जिसे था बनाया, कभी नाज़ करती जहाँ,जिसके बल पर, उसी ने उजाड़े खुशी इस चमन के किसे ये दिखाये जखम हँसते-हँसते। सदियों से देखी कई सभ्यताएँ, ढली ये स्वयं जैसा हमने बनाये, कई सरहदों में […]

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Kimat Brikshon ka

कह पाता  ना शब्द उसे, तस्वीर बयाँ कर जाती है, जुल्म हुए हैं कितने सब,हालात बयाँ कर जाती है। दर्द न समझा बेजुबान का, आरे से तन चीर दिया, तड़प-तड़प कर पत्तों ने उसके आगे दम तोड़ दिया, मत मारो ऐ मानव मुझको, कितनी बार कहा होगा, तेरी श्वांस सहारा हूँ मैं, रोकर बतलाया होगा, […]

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Agyaani

जंगल-जंगल भटक रहा था, जंगली था इंसान, ज्ञान दिया भगवान ने हमको, बना दिया इंसान, फिर भी बदला क्या इंसान,फिर भी ना बदला इंसान। ऊंच-नीच का भेद मिटा, हर रिश्ते को समझाने को, राजतिलक का त्याग किया, मानव को पाठ पढ़ाने को, किसी ने शूली चढ़ हमसब को, मानवता का ज्ञान दिया, सत्य,अहिंसा का रब […]

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Kashmakash

जिंदगी जंग है,जंग है जिंदगी, क्या करे ना करे तंग है जिंदगी, है अनेक रास्ते एक को ढूंढता, जब से दुनिया में हैं रास्ते चुनता, हम समर्पण करें या लड़े जिंदगी, क्या करे ना करे तंग है जिंदगी | बात खाने की हो ब्यंजने हैं कई, धर्म,जाति कहें तो यहां हैं कई, शासनों के कई […]

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Rakhi ki Laaj

पाँच-पाँच पतियों की रानी, पाँचो वीर सेनानी, आज तड़पती है,बीच सभा एक रानी, आग बरसती है,आँखों से बन पानी, आज तड़पती है,…..। भूल गया देवर दुर्योधन, अपनी सब मर्यादा, दुशासन से गरज के बोला, मौन सभी थे राजा, जाओ केश पकड़कर लाओ, बीच सभा पांचाली, मेरी जंघा पर बैठाओ, खोल दो उसकी साड़ी, खेल की वस्तु […]

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Saathi Re

जबसे मैने होश सम्हाला, कदम गली में पहला डाला, कंधे पर जो हाथ पड़ा बन बैठा साथी रे, भूल नहीं सकते यारा,है याद सताती रे। याद हमें पत्थर की गोटी, याद है गिल्ली-डंडा, याद हमें वह साथी, जिसके साथ में खेले अंटा, लुक्का-छिपी,चोर-सिपाही, याद है खेल कबड्डी, भूल नहीं सकते वो साथी, जो बचपन का […]

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Sawan Bholenath ka

Click here to read part..3 आया सावन हम सब रहते जिसके इंतजार में, रंग-बिरंगी खुशियां सारी,सिमटी है इस माह में। कदमताल में चले कांवरिया, सबके मनवाँ हरषे ला, ठंढी,ठंढी पवन चले संग, रिमझिम बदरा बरसे ला, गाँव,शहर हर जगह, शिवालय में भक्तों का मेला है, नर,नारी का प्रेम अलौकिक, सोमवार अलबेला है, गूंज उठा है […]

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JEEVAN AUR SAMAAJ

Click here to read part..1 हमने छोड़ा सबअभिमान,तुम्हारा दास हो गया, सच कहते हैं तुमसे यारा,हमको प्यार हो गया। उसकी प्रेम,गुजारिश,जिद ने, हर बंधन को तोड़ दिया, प्रेम के आगे बेबस बुलबुल, खिड़की दिल का खोल दिया, मद्धिम झोंका कब आंधी का, रूप लिया कुछ पता नहीं, बदल गयी दुनियाँ कब उसकी, कैसे कुछ भी […]

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IJEHAAR PYAR KA

तेरा गुस्सा क्या मुश्काना सब कमाल हो गया, सच कहते हैं तुमसे यारा,हमको प्यार हो गया। तुमको देखूँ लगता ऐसे, चाँद जमी पर आया जैसे, क्या तारीफ करूँ मैं तेरी, दिल का हाल सुनाऊँ कैसे, तेरे बादल जैसे बाल, डिम्पल दिखती हँसते गाल, मृगनयनी ये तेरी आंखे, जैसे झील हो नैनीताल, उसमे डूब गया मन […]

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Sawan Mahima

Click here to read part..2 आया सावन हम सब रहते जिसके इंतजार में, रंग-बिरंगी खुशियां सारी,सिमटी है इस माह में| कथा एक वेदों में वर्णित, उसको आज सुनाता हूं, एक माह सावन की महिमा, क्या है उसे बताता हूँ, इसी माह में देव-दनुज मिल, सागर मंथन कर डाला, रत्न कई निकले संग निकला, भरा हुआ […]

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