Quote.7
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Click here to read part ..3 तेरे ही कारण जग से यारा रार ठान ली, जब तूने ना समझा,अपनी मैं हार मान ली। मैं पत्थर से टकराता, जंगल मे राह बनाता, नामुमकिन है ना कुछ भी, मैं शोलों पर चल जाता, जग ने एक सुर से मेरी,जय-जयकार मान ली, जब तूने ना समझा मुझको मैं […]