Agyaani

जंगल-जंगल भटक रहा था, जंगली था इंसान, ज्ञान दिया भगवान ने हमको, बना दिया इंसान, फिर भी बदला क्या इंसान,फिर भी ना बदला इंसान। ऊंच-नीच का भेद मिटा, हर रिश्ते को समझाने को, राजतिलक का त्याग किया, मानव को पाठ पढ़ाने को, किसी ने शूली चढ़ हमसब को, मानवता का ज्ञान दिया, सत्य,अहिंसा का रब […]

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