Sarhad
उत्तर, दक्षिण, पूरब, पश्चिम, है दुश्मन के घाट-घाट, मेरे राम-रहीमा,………थाम ले हमरी बांह ……रे मोरे राम रहीमा………..थाम ले हमरी बांह।। ये धरती है राम का जिसने, रावण का सहार किया, भूल गयी दुनियां कृष्ना ने, यहीं से गीता ज्ञान दिया,2 इस पावन धरती पर अब तो, दुश्मन देखे झांक-झाँक, मेरे राम-रहीमा,………थाम ले हमरी बांह ……रे […]
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