Insan ki Pukar
Image..Google धरती,अम्बर शुद्ध हवा,पानी फिर भी ना मंगल है, जहाँ नही हक जीने का निर्बल को,फिर वह जंगल है। जंगल मे जीव निकलते घर से, भूखे पेट को चैन कहाँ, क्या भूख मिटेगी या जीवन ही, जीव को इसकी खबर कहाँ, है सजग कान,आंखें चचल, खतरों से है अनभिज्ञ नहीं, है मगर बिबसता भोजन की, […]
