Unexpected

Image credit: Google क्यूँ पिंजर बन्धन खोल दिया–? थी एक कटोरी छोटी सी, कुछ उसमे दाना-पानी था, लोहे की इसी सलाखों के, अंदर ही जहां हमारा था, माना नफरत के काबिल तुम, फिर भी अपना हम बोल दिए, अपनी दुनियां को भूल इसी, घर से ही नाता जोड़ लिए, क्या हमसे तेरा स्वार्थ खतम, क्यों […]

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