Chupke-Chupke
हवा ठंडी-ठंडी, घटा थी गगन में, हँसी मिल रहे दो बहारे चमन में, किसी को पता ना कोई खबर थी, कि क्या घट रही थी बहारे चमन में, हवा बह रही थी…………………..। मुलाकात पहली डगर भी नई थी, जमाने का भी डर उन्हें लग रही थी, थे अरमान लाखों बसे उनके मन में, निडर मिल […]
Posted in DIL27 Comments on Chupke-Chupke
