UMMID/उम्मीद

Image Credit : Google Hamare priye blogger Aruna ji ke dard ko shabbon me pirone ka ek prayas evam Ishwar se dua……Click here ऐ हवा जरा रुक के, धीरे-धीरे गुजर, तेरी राहों में एक महल है ताश का, जहाँ अरमान अभी,अभी हिलोरे ले रहे हैं, उसे पत्थरों का ताजमहल ना समझ। ऐ पल जरा थम […]

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CHAAHAT/चाहत

Image Credit : Google कुछ आज छोड़ गए,कुछ कल छोड़ जाएंगे, नश्वर है सबकुछ यहाँ, एकदिन हम भी छोड़ जाएंगे, ये हम कौन, मालूम नहीं, जिह्वा को स्वाद चाहिए, शरीर को आहार चाहिए, आँखें देखने को कहती हैं, कानों को वो धुन चाहिए, त्वचा को स्पर्श,साँसों को खुशबू, और हमें,वो चाहिए, जो हँसाता है,रुलाता भी […]

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ALLHADPAN/अल्हड़पन

Image Credit : Google हलहड़ हूँ नादान मत कहना, सही-गलत से अनजान मत समझना, एक दिन हम भी स्थिर होंगे, जलाशय की तरह, अभी वक्त है,झरनों सा बहने दे, अल्हड़ हूँ,नादानियाँ करने दे। जीवन क्षणभंगुर,कल रहे ना रहे, आँखों में सपने कल सजे ना सजे, अभी ख्वाहिशें अनंत सजे हैं, पाँवों में पंख लगे हैं, […]

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KRISHNA/कृष्णा 7

Image Credit : Google Click here to Read part..6 आज द्वारिकाधीश जश्न में आए मित्र सुदामा जी, स्व आसन स्थान दिए सकुचाये मित्र सुदामा जी, देख सखा की दीनदशा अक्षि-जलधि का द्वार बना, हाथ परात लगाए नहीं अखियन से अश्रु धार बहा, चरण पखारे अश्रुजल से विह्वल मित्र सुदामा जी, आज द्वारिकाधीश जश्न में आए […]

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Tyag ka Parv ‘Bakrid’ bana Bakra-Eid

Image Credit :Google भाईचारा और प्रेम, दया का पाठ सिखाता ईद, त्याग,समर्पण,कुर्बानी सिखलाता है बकरीद, त्याग आ हम दिखलाएँ,प्रेम का दीप जलाएँ|२ एक कहानी बहुत पुरानी, जिसको आ दुहराते हैं, ऐसी कौन सी घटना जिससे, हम बकरीद मनाते हैं, हजरत,मूसा,ईशा,मुहम्मद, वंशज जिस इंसान के, घटना के सब तार जुड़े हैं, उस आदम इंसान से, बाइबिल […]

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MULAKAT

IMAGES CREDIT : GOOGLE कल उनसे हमारी मुलाकात हो गयी, बात बर्षों की थी फिर से याद हो गयी। दर्द घटती नहीं,प्रेम मिटती नहीं, लाख चाहो मगर, प्रेम छुपती नहीं, चार आँखों से फिर बरसात हो गयी, बात बर्षों की थी फिर से याद हो गयी। होठ थे बंद पर सब नजर कह गए, उनकी […]

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SHRADHANJALI/श्रद्धांजलि

अभी तो सूरज निकला ही था,धूम मची थी अभी-अभी, क्यूँ इतनी जल्दी चली गई?क्यूँ इतनी जल्दी चली गई।। थी उम्र कहाँ चुप होने की, थी खबर नहीं कुछ खोने की, भारत का रोता ताज हंसा माँ के दामन से दाग हटा, वर्षों से प्यासे कान खुशी की, खबर मिली थी अभी-अभी, क्यूँ इतनी जल्दी चली […]

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