JIMEWAR KAUN?/जिम्मेवार कौन
मुद्दतों बाद घर में रौशनी थी आई,बुझ गए दीपक हवा किसने चलाई।आए थे गाँव छोड़ ख्वाब लिए शहर में,बेच खलिहान घर बनाए इस शहर में,राख हुए अरमां,आग किसने लगाई,बुझ गए दीपक हवा किसने चलाई।पत्थर ही पत्थर बिखरे हैं राह में,गुमशुम,उदास संग दिखते हैं राह में,दिल बेरहम रक्त किसने बहाई,बुझ गए दीपक हवा किसने चलाई।बस्ती इंसान […]
