Vikas ya Vinash/विकास या विनाश
विकास रुक गई या विनाश,मुद्दतों बाद आसमान साफ,वृक्ष धूल मुक्त,शांत वातावरण,शोर मुक्त बयार,चिड़ियों के झुंड उन्मुक्त उड़ते,मनमर्जी सड़कों पर टहलते,ऐसी शांति को देखजंगली जीव भी हरकत में आए,जंगलों को छोड़ कुछ जीव मानो दूत बन,हमारा हाल देखने शहर को आए,मगर हमारा दुर्भाग्य देखो,चेहरों पर नकाब,अपनों के पास बैठना तो दूर,खुद का चेहरा छूना भी मुहाल […]
