KAISI NAFRAT/कैसी नफरत?
जितना हक इस जग पर मेरा उतना ही हक तेरा जी,फिर क्यों चमन उजाड़े तूने किस नफरत ने घेरा जी।अनशन,धरना,मांग,आंदोलन सब सरकार से तेरा जी,फिर क्यों बाग उजाड़े मेरे, किस नफरत ने घेरा जी। ये वर्षों की थी नफरत,थी पलभर की जज्बात नही, चुन-चुन पत्थर बरस रहे थे तुम इससे अनजान नही, बहकावे की बात […]
