Jivan-Dor/जीवन-डोर

ना वैरी ना मित्र हमारे, शब्दरहित संगीत हमारे, आ वैरी या मित्र बना ले, शब्दों से संगीत सजा दे, जीवन कोरा-कागज लिख, कुछ भी दिल अपना खोल के, मैं ठहरा जल मौन पड़ा, दरवाजा,खिड़की खोल के। आना पर विनती है सबसे, असमंजस ना रखना मन से, हँसकर आना,हँसकर जाना, संसय मन मे कभी ना लाना, […]

Posted in Jiwan Darpan, Jiwan dhara, UncategorizedTagged 26 Comments on Jivan-Dor/जीवन-डोर

Delusion/भ्रांति

Image Credit : Google हमे कील पल-पल चुभाने लगे थे, सबक जिंदगी का सिखाने लगे थे। हँसी जिंदगी मस्तमौला सफर था, किसे गम कहें कुछ ना हमको खबर था, कोई पास आता,मदद को बुलाता, सहारा बना सबके ही काम आता, उन्हें भी मदद की जरूरत थी शायद, मगर थी झिझक बात करने से शायद, नजर […]

Posted in Jiwan DarpanTagged 20 Comments on Delusion/भ्रांति

KYUN ITRAAYE RE/क्यों इतराये रे

Image Credit : Google पल-पल,पल-पल,पल-पल,पल-पल, पल ये छूटता जाए क्यों इतराये रे, दिनकर पल-पल जीवन का ये ढलता जाए रे, दिनकर पल-पल जीवन का ये ढलता जाए रे। पल-पल बिछड़ रहे अपने जैसे मुट्ठी से रेत, रंग बिरंगी दुनियाँ पल-पल बनती जाती स्वेत, कल का साथी आज कहाँ है, छलिया,धोखेबाज जहाँ है, उस छलिया से […]

Posted in Jiwan DarpanTagged 11 Comments on KYUN ITRAAYE RE/क्यों इतराये रे

KARM KA PHAL/कर्म का फल

एक आदमी था जो अपनी मृत्यु से पहले गंगा स्नान करना चाहता था। एक दिन अपनी चाहत पूरी करने के लिए घर से निकल पड़ा । रास्ते में जो भी नदी मिलती लोगों से पूछता, भाई क्या ये गंगा नदी है । जवाब में कोई और नदी का नाम सुन आगे चल पड़ता। रास्ते में […]

Posted in Jiwan DarpanTagged 33 Comments on KARM KA PHAL/कर्म का फल

Sawan Bahna ka

Click here to read part..1 रंग-बिरंगी खुशियाँ सारी,सिमटी है इस माह में, भैया तेरी बहना,बैठी है इंतेज़ार में। बोला था आएंगे अबकी,राखी के त्योहार में, भैया तेरी बहना बैठी है इंतेज़ार में।2 कहने को ये कच्चा धागा, धागे में संसार है, बहना का है सिमटा इसमें, भैया सारा प्यार है, झूठा है ये बादल काला, […]

Posted in Jiwan DarpanTagged 50 Comments on Sawan Bahna ka

MAT RUK JAANAA/मत रुक जाना

Image Credit: Google पल-पल राहों को गढ़ता चल,ऐ मानव तूँ नित् चलता चल, ऐ मानव तूँ नित् चलता चल। क्या खोया सोंच के मत रोना,तूँ हार मान यूँ मत सोना, बहती दरिया का धार है तू,भूगर्भ पड़ा अंगार है तू, पत्थर क्या पर्वत भी तेरे,राहों को रोक ना पाएगा, जो खुद दरिया-हुताशन,सपना उसका कौन जलाएगा, […]

Posted in Jiwan DarpanTagged 25 Comments on MAT RUK JAANAA/मत रुक जाना

Jindgi ka Khel/जिंदगी का खेल

Image Credit :Google मुस्कुराहट तो उसी दिन खो गई, जब बचपन छोड़ गई थी, अब तो आँसू पोंछ मुस्कुरा लेते हैं दर्द लाखों हैं फिर भी खुश हूँ सबको बता देते हैं, अगर सच्चाई बयान करें तो, कितना बदल गया लोग बोल देते हैं, और झूठ का हँसे तो, संग अपनी मजबूरियाँ जोड़ देते हैं, […]

Posted in Jiwan DarpanTagged 31 Comments on Jindgi ka Khel/जिंदगी का खेल

KAISI NIRBALTA/कैसी निर्बलता

Image Credit :Google रब से पल-पल क्या मांग रहे, खुद को निर्बल क्यों मान रहे, क्यों बैठ गए हो मौन तुझे क्या गम बोलो इंसान रे, खुद से ज्यादा ताकत दे भेजा तुमको भगवान रे।। गिरते वही जो चढ़ते हैं, कब पुरुषार्थी डरते हैं, पर्वत,सागर,बियाबान जंगल में राहें गढ़ते हैं, एक चूक धम गिरे धरा […]

Posted in Jiwan DarpanTagged 24 Comments on KAISI NIRBALTA/कैसी निर्बलता

JINDGI TUN KAUN MAIN KAUN HUN

Image Credit : Google जिंदगी तूँ कौन है मैं कौन हूँ बतला मुझे, है कहाँ मेरा ठिकाना ये जरा समझा मुझे। जब से पाया पाँव मैं चलता रहा बढ़ता रहा, विघ्न कितने रास्तों में आए मैं लड़ता रहा, मिल गयी मंजिल मगर फिर क्यों उदासी साथ में, जश्न छाया चंद पल फिर क्यों वीरानी पास […]

Posted in Jiwan DarpanTagged 22 Comments on JINDGI TUN KAUN MAIN KAUN HUN

Sandesh Phulon ka

Image Credit :Google तुम भी खिलो,हम भी खिलेंगे, खुशबू अलग फिर भी, हम संग हँसेंगे, लड़ना है काम इंसान का, हम खुशबू भरेंगे। चम्पा चमेली,कुमुद,गुलबहार, काँटों की सेज पर हँसता गुलाब, रोना तो काम इंसान का, हम खुशबू भरेंगे, सदियों से तूँ लड़ रहा नासमझ, सृष्टि को ऐ मानव तूँ समझ, जीवन सभी को हँसाने […]

Posted in Jiwan DarpanTagged 49 Comments on Sandesh Phulon ka

MUSKAAN/मुस्कान

Image Credit : Google. है जीवन अपना दो दिन का हँस ले इसमें है रोना क्या, कुछ लेकर आये ना जग में फिर खोना क्या, क्या लेकर आये थे फिर यारा रोना क्या। संग बचपन था कल चला गया, यौवन भी छोड़ के जाएगा, जो हँसकर आये पास मेरे, एक दिन वह रूठ के जाएगा,, […]

Posted in Jiwan DarpanTagged 32 Comments on MUSKAAN/मुस्कान

Karm aur bhagya

एक लेकर आया जग में चम्मच सोने का, दूजा टीन का, एक बन बैठा था शहंशाह के जैसे जग में, दूजा हीन सा।। एक निसदिन इंच खिसकते,अहम में चूर थे, दूजा कर्मपथ पर,हर पल ही मशगुल थे, कर दी उसने सत्यानाश,उँच बड़ेरी खोखड़ बाँस, मगर ज्ञान ना आई लग गई,पाँव में बेड़ी,गर्दन फाँस, वे ज्ञान […]

Posted in Jiwan DarpanTagged 17 Comments on Karm aur bhagya

Sachchayee/सच्चाई

कभी था जश्न का मंजर,ये खँडहर बोल देते हैं, हमारी क्या यहाँ हस्ती है,लाशें बोल देते हैं, मगर जबतक जवानी का नशा मगरूर हम सारे, किसे पा लें किसे छोड़े,हैं शामिल होड़ में सारे, सभी मतलब के साथी फिर भी रिश्ते जोड़ लेते हैं, हमारी क्या यहाँ हस्ती है,लाशें बोल देते हैं।। अगर हो प्रेम […]

Posted in Jiwan DarpanTagged 21 Comments on Sachchayee/सच्चाई

Safar Jindagi ka

Image credit: Google मुशाफिर मैं समंदर का,समंदर मेरी जान है, लहरों से टकराकर ही बनी,मेरी ये पहचान है, लड़ना ही है जन्दगी,नहीं डरता मिट जाने से, पर बिबस,ठिठकता हूँ बीच समंदर जाने से। वो दूर चिढ़ाता है तूफान,तट पर मैं मौन खड़ा हूँ, अपनी मजबूरी की चादर में खुद ही सिमट रहा हूँ, क्या कहें […]

Posted in Jiwan DarpanTagged 28 Comments on Safar Jindagi ka

Lekhni/लेखनी

Image credit: Google मैं कैसा मैं खुद को जानूं, कलम हमारी धार, दिल में जो भी आता सारे, लिख देते जज्बात, उलटे,पुल्टे शब्द पकाते, तुमको मैं क्या जानूं, या कुछ सीख दिला जाते, क्यूँ इसके पीछे भागूँ, पुत्र बिना जस सुना आँचल, फूल बिना जस गुलशन, शब्दों से जबतक ना खेलूँ, सुना मैं, मन, लेखन […]

Posted in Jiwan Darpan25 Comments on Lekhni/लेखनी

Balpana aur Garibi

Image credit: Google एक कटोरा पानी भात, साथ में मिर्ची और प्याज, बड़े चाव से खाता, चेहरे की वह हाव-भाव से, कितना स्वाद दिखाता है खलिहान में, खाता गोपी पानी-भात माँ खलिहान में।। गोपी निर्धन,शिव धनवान, दोनों एक दूजे के जान, बालपना थी खान-पान से, एक दूजे के थे अनजान, मुंह में पानी आया शिव […]

Posted in Jiwan Darpan21 Comments on Balpana aur Garibi

jindagi

Image credit: Google किये क्या अभी तक हिसाब मांगती, जिंदगी हमारी जवाब मांगती।। पैरों पर जब से हुए हम खड़े, हंसने,हँसाने की जिद पर अड़े, रुके कब,हँसे कब ना कुछ भी खबर, सभी को हँसाने में हम बेखबर, थके आज तब मुड़ के देखा मगर, हैं अपने बहुत पर किसे है खबर, इसी दर्द का […]

Posted in Jiwan Darpan39 Comments on jindagi

Majburi/मजबूरी

Image credit:Google बाबू एक रुपया दे दो, हमसे लाख दुआएँ ले लो, भूखे हम तो सो रहे हैं कल रात से, चूल्हा घर में जला ना कल रात से।2 एसी बस और रेलगाड़ी, बढ़ते दूजी ओर भिखारी, खुश हैं अफसर और धनवान, दुख में हैं मजदूर,किसान, नियत देख बनी है कैसी सरकार के, चूल्हा घर […]

Posted in Jiwan Darpan25 Comments on Majburi/मजबूरी

Mahatvakanksha/महत्वकांक्षा

Image credit:Google है अपना कोई आस-पास, है हृदय भरी मक्कारी, घबराहट और तलवार साथ में, ले रखी दोधारी, हम अडिग खड़े हैं पास निहत्थे, खुद ही मिट जाने को, या बिना अस्त्र के ही रण में, कुछ अद्भुत कर जाने को, है मन मे बस एक सोच, रहा ना कोई यहाँ रहेगा, है आज यहाँ […]

Posted in Jiwan Darpan25 Comments on Mahatvakanksha/महत्वकांक्षा

Kaisi Daud/कैसी दौड़

दौड़ लगी जीवन में कितने आगे, देखो निकल गए, सबकुछ है अब पास मगर, सुख चैन हमारे बिखर गए, खोज रहे अब ध्यान-योग में, कहाँ गया वह शांत ह्रदय, आज भी अबूझ पहेली जीवन, सुलझे हैं या उलझ गए । !!! मधुसदन !!!

Posted in Jiwan Darpan27 Comments on Kaisi Daud/कैसी दौड़