Apnapan/अपनापन

संसार की सभी भाषाएँ अनमोल और रसभरे हैं, जिसका महत्व वही जान सकते हैं जो उसे बोल और समझ पाते हैं।अगर मैं अपनी बात करूँ तो रोटी हमे अंग्रेजी से आती है और हिन्दी मुझे अपनापन का आभास दिलाती है। दुश्मन भी बोले बोल,अकड़कर हिंदी में, अपना सा लगता है, गर अपने बोले बोल,चहककर परदेशी, […]

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POPULATION/जनसंख्या

बढ़ती गाड़ियां बढ़ते लोग, आह-आह कर बोला रोड, बसकर जनसंख्या का अब ना, और बढ़ा धरती पर बोझ, बढ़ती गाड़ियां बढ़ते लोग,आह-आह कर बोला रोड|२ जनसंख्या मानव का दुश्मन, धर्म से इसको मत बांधो, हिन्दू,मुस्लिम,सिक्ख,ईसाई, में धरती को मत बांटो, अपने ही फिर दुश्मन होंगे, अंत में मत करना तुम शोक, बढ़ती गाड़ियां बढ़ते लोग,आह-आह […]

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Naari ka Dard

कैसा ये संसार किया है, जुल्म का सीमा पार किया है, तेरी बिटिया,बहन सिसककर, तुम्हें जताने आयी है, बसकर जुल्म न सहना अब ये,तुझे बताने आयी है, बसकर जुल्म न सहनाअब ये ……। युग बदला इंसान बदल गए, गीताज्ञान किताब में रह गए, पश्चिमवादी सोंच में अब तो, नारी के सम्मान बदल गए, तड़प रही […]

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Rishtey

जब से है दुनियाँ जब से है हम, हमसे है रिश्ते रिश्तों से हम, हम से ही बनते बिगड़ते हैैं रिश्ते, किसको कहें कैसे मिटते हैं रिश्ते, दिमाग से बने रिश्ते कभी टिकटे नहीं, दिल से बनें रिश्ते कभी मिटते नहीं, वैसे तो मिटानेवाले कुछ भी मिटा देते हैं, दूध का कर्ज,माँ का दर्द भुला […]

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Dharm aur Insaan

Image credit: Google योगी के भेष में भोगी, धर्मांध मानसिक रोगी, जब नीचता और आतंकवादी की, भाषा बोलता है, इंसानों को धर्म की तराजू पर तौल, किस्मत की कुंडी खोलता है, फिर वह इंसान प्रिय क्यों और उसका धर्म कैसा? सदियों से दुनियाँ में, जंग होते आई है, सियासत और सम्राज्य विस्तार भी, दुनियाँ देखते […]

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Guru-Shishya Sambandh

Image credit..Google कई गुरु थे महान, शिष्य भी कई महान, गुरुभक्ति एक शिष्य की दिखाऊं, आज गुरु-शिष्य कथा मैं सुनाऊँ। एक गुरु थे महान, था द्रोण जिनका नाम, एकलब्य का अंगूठा लिया, काट जिससे दान, नाम खुद का था जग में हंसाया, शिष्य अर्जुन का नाम था बढ़ाया, धन्य था वो एकलब्य, खुद का ही […]

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Kashmakash

जिंदगी जंग है,जंग है जिंदगी, क्या करे ना करे तंग है जिंदगी, है अनेक रास्ते एक को ढूंढता, जब से दुनिया में हैं रास्ते चुनता, हम समर्पण करें या लड़े जिंदगी, क्या करे ना करे तंग है जिंदगी | बात खाने की हो ब्यंजने हैं कई, धर्म,जाति कहें तो यहां हैं कई, शासनों के कई […]

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Sawan Bholenath ka

Click here to read part..3 आया सावन हम सब रहते जिसके इंतजार में, रंग-बिरंगी खुशियां सारी,सिमटी है इस माह में। कदमताल में चले कांवरिया, सबके मनवाँ हरषे ला, ठंढी,ठंढी पवन चले संग, रिमझिम बदरा बरसे ला, गाँव,शहर हर जगह, शिवालय में भक्तों का मेला है, नर,नारी का प्रेम अलौकिक, सोमवार अलबेला है, गूंज उठा है […]

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Sawan Mahima

Click here to read part..2 आया सावन हम सब रहते जिसके इंतजार में, रंग-बिरंगी खुशियां सारी,सिमटी है इस माह में| कथा एक वेदों में वर्णित, उसको आज सुनाता हूं, एक माह सावन की महिमा, क्या है उसे बताता हूँ, इसी माह में देव-दनुज मिल, सागर मंथन कर डाला, रत्न कई निकले संग निकला, भरा हुआ […]

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Intejaar Sawan ka

आया सावन हम सब रहते जिसके इंतजार में, रंग-बिरंगी खुशियां सारी,सिमटी है इस माह में| नैन किसी की सावन के संग, झर-झर बहते रहती है, कब आएंगे बालम उसकी, पल-पल राह निरखती है, सखियाँ झूले नीम की डाली, गीत सुनाती सावन के, कोई सजकर द्वार खड़ी है, इंतजार में बालम के, साजन आये खुशिया लाये […]

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BHUKH

सेज सजी मखमल की फिर भी नींद नहीं है आती, थाल सजी छत्तीस ब्यंजन पर भूख नहीं ला पाती। आह निकलती निर्धन की, उस ब्यंजन से उस बिस्तर पर, भूख लगे कैसे धनिकों को, नींद लगे फिर मखमल पर, महलों में ना चैन किसी को, ना सुकून मिलता है, देख सको तो देख लो, निर्धन […]

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Mrigtrishna/Pyaasi Jindagi

जिनके घर कच्चे है महल को,दूर से देख तरसते हैं, उनको क्या मालुम वहाँ पर,निसदिन आंसू बहते है। देख लिया दौलत महलों का,मन की त्रिसना ना देखा, हँसी,ठिठोली देखी उनकी,अंतर्द्वन्द नहीं देखा, चोरी का डर वहां किसी को,इनकम टैक्स के छापे का, भाई को भाई से डर है,छल से माल छुपाने का, महल बड़ा पर […]

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Yaaden

जिंदगी रहे ना रहे लेख रह जाएंगे, मेरे और आपके कमेंट्स रह जाएंगे, नफरत की आग जला देगी जमाने को, मेरे और आपके संदेश रह जाएंगे। माना कि आपसे कोसों हैं दूर हम, सच है कि आप भी हमसे है दूर मगर, अपनी ये लेख मगर पास हमे लाएंगे, मेरे और आपके कमेंट्स रह जाएंगे। […]

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Kasak/ Jag ki Trishna

  हम कहां से कहाँ आ गए जिंदगी कुछ पता ना चला, कब मिली ये ख़ुशी ख़ुदकुशी बन गयी कुछ पता ना चला।। हम मुशाफिर सफर यूँ हीं चलता रहा, बिन थके यूँ सफर संग मचलता रहा, प्यास मंज़िल की थी पर सफर कम नहीं, स्वर्ग मंजिल हंसी,तो सफर कम नहीं, मैं चलता रहा यूँ […]

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Kisaan aur Mansoon

मानसून हर बार कडा एक्जाम लेता है, मज़बूरी है कृषक का सीना तान लेता है| ग्रीष्म का तांडव देख के, धरती का भी फटा कलेजा था, जीव,जंतु संग मानव पर भी, मौत ने डाला डेरा था, इंतजार अब ख़त्म मेघ बौछार करता है, मज़बूरी है कृषक का सीना तान लेता है| सूखे चारे खा खाकर […]

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Aam Ki Chori

आम का बगीचा जिसमे आम का एक बिशाल बृक्ष अपने जड़ में अनगिनत कहानियों को समेटे हुए आज भी बच्चों के खेलने का सबसे पसंदीदा जगह।गांव का शायद ही कोई ऐसा बृद्ध होगा जो बचपन में उस पेड़ के नीचे ना खेला हो। परंतु जब भी आम में फल लगने का समय आता बच्चों को […]

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Kora Kaagaj

Image Credit : Google जीवन कोरा बिन अपनों के, जैसे कोरा कागज, धरती की ना प्यास बुझाये, बिन पानी के बादल, ख्वाब बिना पानी के बादल, आँख खुले तड़पाते, क्या लिखूँ मैं याद में तेरी,शब्द मुझे तरसाते।1 लिखना चाहूं,लिख ना पाऊं, जज्बातों को मैं उकसाऊं, पढ़कर तुमको तेरा होकर, ख्याल हजारों आतें, क्या लिखूँ मैं […]

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Bibastaa

Image Credit :Google लोकतंत्र है विवश सिसकता देख तड़पता मानव पर, देख प्रतिभा झुलस रही है,जातिवाद के पावक पर। भूखी नंगी लोग सड़क पर उड़ती गड्डियाँ ठुमकों पर, तरस रहे हम छत को कब से नेता सोये मखमल पर, राशन कार्ड और सब्सिडी को लूट लिए महलोंवाले, दूध की नदियाँ सुख चुकी हर मोड़ खड़े […]

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Bhikhari

राम नाम को गाता जाए धुन में डफली बजा-बजा, दे दो रे दो पैसे बाबू, राम करेगा तेरा भला—2। सब लोगों के बीच में गाता, हाथ जोड़कर उन्हें मनाता, मिल जाते दो पैसे उसको, जिससे अपनी भूख मिटाता, जो भी समझा दर्द को उसके, आँख से आँसूं छलक गया, मानवता का चीख समझ, पाषाण ह्रदय […]

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Jiwan ki Udaan

दुनिया चमन है जीवन पवन है, उड़ने को जीवन का सारा गगन है, बंदिश में इसको ना रहने दो, जीवन पवन है बहने दो | लम्बी डगर है, छोटी उम्र है, मंजिल की जीवन में, सबको फिकर है, चिंता में इसको ना रहने दो, जीवन पवन है बहने दो | गर्मी गरम है, ठंडी नरम […]

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