भूख/BHUKH

आपदा भारी,मजबूर सभी,बेबस कौन?ये सवाल ना पूछो,लाचारी सर्वत्र है फिर भी,मजदूरों के हालात ना पूछो।मशीन एक लोहे की,दूजा हाड़-मांस का,संकट में वतन,मशीनों के जज्बात क्या,ताले जड़े कर्मस्थल पर,अल्लाह कहाँ मलिकार ना पूछो,लाचारी सर्वत्र है,मजदूरों के हालात ना पूछो।ऐ दिल मत रो,तेरा कोई दातार नही,भूख तो सर्वत्र तांडव करती,तेरा कोई घर-द्वार नही,यही बात खुद को समझाते,लाख […]

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