ANKAHA PREM/अनकहा प्रेम 2
एक पवन का झोंका आया,जिसने मेरा मन भरमाया,पल दो पल का मेल पता ना,जीवन का कब सार हुआ,पता नही कब दिल खो बैठे,पता नही कब प्यार हुआ।मैं राही अनजान डगर था,अनजाना एक साथ सफर था,मंजिल से बेखबर चले पग,थकन कहाँ हर कदम जशन था,जब रोते वे हम रो जाते,वे हँसते तो हम मुस्काते,पता नही कब […]
