DIWAS/दिवस!
प्रयावरण दिवस,हिंदी,विश्व धरोहर दिवस,अंतराष्ट्रीय महिला दिवस,संविधान दिवस,न जाने कितने दिवस बनाए,पन्नो पर उसे सजाए,मगर हमने बचाए क्या?ये ना पूछ बैठना,हमने मिटाए क्या?चीखती नदियाँ,कराहते जंगल,बेजुबानों के लाश पर मनाते मंगल,घँटे,अजान से गुंजित धर्मस्थल,प्रेम कितना शेष अंतस्थल!गिरिजाघर,मस्जिद,मंदिर सर्वत्र दिख जाएंगे,और घर-घर गीता,कुरान भीमगर अपनाए क्या?ये ना पूछ बैठना,हमने मिटाए क्या?!!!मधुसूदन!!!
Posted in Hindi Poem, Lekhni17 Comments on DIWAS/दिवस!
