VANDE MATARAM/वंदे मातरम

Image Credit : Google कोस-कोस पर पानी बदले,पाँच कोस पर वाणी, सिंधु,सुरसरि की भूमि वह ज्ञान की जहाँ रवानी, युगों,युगों की जहाँ धरोहर,रंग,विरंगे धर्म मनोहर, उस भारत की मिट्टी का हम तिलक लगाते हैं, हिन्द के हम रक्षक सारे एक सुर में गाते हैं, वंदे मातरम,वंदे मातरम,वंदे मातरम,वंदे मातरम।। पीड़ गुलामी की कैसी हम उसको […]

Posted in Desh BhaktiTagged 41 Comments on VANDE MATARAM/वंदे मातरम

DAHSHAT KAISI JANGAL MEN..?

हिरण के संग शेर चला है, चीते के संग भेड़ चला है, चले संग कीटों के गिरगिट दहशत कैसी जंगल में। चले एक पथ चीते-भालू हलचल कैसी जंगल में। जंगल का कानून अचंभित, बना बाघ भी कैसे पंडित, नेवले के संग विषधर कैसे संग चले हैं जंगल में, चले एक पथ चीते-भालू हलचल कैसी जंगल […]

Posted in Politics, UncategorizedTagged 45 Comments on DAHSHAT KAISI JANGAL MEN..?

HAPPY NEW YEAR

शिकायतें तब तक रहेंगी जबतक आप हैं, ईश्वर का शुक्रगुजार हूँ कि आप हैं, चलो एक और शिकायत करते हैं आप उन्हें याद करते हैं जिन्हें आप पसंद करते हैं, हम आपको याद करते हैं क्यूंकि हम आपको पसंद करते हैं, एवं रब से यही दुआ करते हैं कि …. नव वर्ष हो प्यारा,नव वर्ष […]

Posted in नया साल सम्वतTagged 27 Comments on HAPPY NEW YEAR

NEW YEAR/नया साल

Image credit :Google नया साल नव खुशियाँ लेकर आया तेरे द्वार, अब गम काहे का, मनवाँ हँस ले,गा ले कर ले थोड़ा प्यार,अब गम काहे का। मौक़ा है दस्तूर, स्वयं से कर हर गम को दूर, नहीं एकलौता तूँ मजबूर, यहाँ लाखो बेबस,लाचार, नहीं उन जैसे भी हालात, अभी खुशियाँ दामन में यार, नहीं मानो […]

Posted in नया साल सम्वतTagged 31 Comments on NEW YEAR/नया साल

WAQT/वक्त

Pal-pal samay badalate dekha, subah shaam mein dhalate dekha, dekha dhalate divas,maah ab, saal gujarane kee ritu aaee, swaagat jisaka kiya kabhee, ab jaane kee usakee ritu aaee. hai reet yahee is duniyaan kee aaya jo ek din jaega, ham chhod chalenge is jag ko, aisa bhee ek din aaega, aa usase pahale jee le […]

Posted in नया साल सम्वतTagged 24 Comments on WAQT/वक्त

WAQT/वक्त

जिस साल का जश्न मनाया था, कुछ खोया था कुछ पाया था, वह साल गुजरने वाला है,कुछ नया सा आनेवाला है| कुछ दौड़ में आगे निकल गए, कुछ बीच सफर में बिछड़ गए, कुछ कदम कदम पर साथ खड़े, कुछ मिलकर भी अनजान से हैं, कुछ ख्वाहिश थे जो पूर्ण हुए, कुछ ख्वाहिश चकनाचूर हुए, […]

Posted in नया साल सम्वतTagged 27 Comments on WAQT/वक्त

UDTE DHOOL ARMAANON KE/उड़ते धूल अरमानों के

Image Credit: Google कभी आना हमारी गलियों में भूल से, रुत सावन की राहें भरी हैं धूल से। मेघ सा दिल मगर हम गरजते नहीं, चाहकर भी ये आँखें बरसते नहीं, नींद आती नहीं,चैन आता नहीं, लफ्ज कोई हमें गुदगुदाता नहीं, अब भी यादें तुम्हारी चुभे हैं शुल से, रुत सावन की राहें भरी हैं […]

Posted in Jiwan dharaTagged 23 Comments on UDTE DHOOL ARMAANON KE/उड़ते धूल अरमानों के

KAISI CHINTA/कैसी चिंता

Image Credit Google इस पार नशा है जीवन का उस पार न जाने क्या होगा, हँसना,रोना इस पार मगर उस पार न जाने क्या होगा। सब उत्सुक हैं अनजान जिगर, है कौन जहाँ भगवान किधर, ये मृत्युभूमि तो स्वर्ग कहाँ, क्यों हमने ली है जन्म यहाँ, क्या तन सच्चा या श्वांस मेरा, क्या जग सच्चा […]

Posted in Jiwan DarpanTagged 30 Comments on KAISI CHINTA/कैसी चिंता

THKKAANA/ठिकाना

पूछोगे गर हाल बता दूँ हो सकता है हँसते हँसते, पूछ न देना पता हमारा खोया वो जाने किस रस्ते। अब गुमशुम पर पास मोबाइल, डायरी,कलम,दावात मोबाइल, वैसे तो ठगनी ये भी पर, कदम,कदम पर साथ मोबाइल, जग सोया क्यों जगा हुआ मैं, खोज रहा क्या नशा हुआ है, काले क्यों रुखसार बता दूँ हो […]

Posted in Jiwan dharaTagged 28 Comments on THKKAANA/ठिकाना

Kisan ki Majburi/किसान की मजबूरी

Image Credit :Google टुकड़ों में खलिहान बंटा है खुशियाँ उनसे दूर लिखूँ हालत कैसी, छोड़ किसानी बन बैठे मजदूर, लिखूँ हालत कैसी। ख्वाब लिए ही सोते,जगते,ख्वाबों में ही पलते हैं, यौवन जल जाती है सपने कहाँ हकीकत बनते हैं, हो गई रोटी भी थाली से अब दूर,लिखूँ हालत कैसी, छोड़ किसानी बन बैठे मजदूर, लिखूँ […]

Posted in KisaanTagged 32 Comments on Kisan ki Majburi/किसान की मजबूरी

JIWAN KA KHEL/जीवन का खेल

उपवन को महकाने आए, फूल को महक दिखाने आए, जिसने दी आँखों में आँसू हँसना वही सिखाने आए। जीवन का ये खेल निराला, देते अपने बन विष प्याला, कुछ ऐसे अपने जीवन में बन बैठे जिनके मतवाला। चिड़ियों को एक साथ चहकते फूलों को काँटों पर हँसते, देखा वृक्ष अडिग धरती पर, जिसके बल पर […]

Posted in DIL, LoveTagged , 33 Comments on JIWAN KA KHEL/जीवन का खेल

KYA JAANE THAG PREET/क्या जाने ठग प्रीत

क्या फर्क अगर मैं हूँ ना हूँ, वे दिल अपना बहला लेंगे गिरगिट क्या रंग दिखाएंगे, रंगों की झड़ी लगा देंगे। छल से मन जिसका भरा हुआ, वे प्रेम का मतलब क्या जाने, जिनकी बुनियाद ही झूठी हो, जज्बात भला क्या पहचाने, है स्वार्थभरा तन-मन जिनका, वे प्रेम को क्या पहचानेंगे, क्या फर्क अगर मैं […]

Posted in DIL, LoveTagged , 17 Comments on KYA JAANE THAG PREET/क्या जाने ठग प्रीत

MAA/माँ

इंसान अपने संग जुड़े सभी लोगों की आकांक्षाओं एवं उम्मीदों को पूरी करने में सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर देता है फिर भी इस दुनियाँ में कोई खुश नहीं होता, सबकी आशा,उम्मीदें एवं शिकायतें निरंतर बढ़ती जाती है, मगर इन सबों के बीच एक रिस्ता ऐसा भी है जिसे हमसे कोई शिकायत नहीं, अगर होती भी […]

Posted in Maa-BaapTagged , 33 Comments on MAA/माँ

Jivan-Dor/जीवन-डोर

ना वैरी ना मित्र हमारे, शब्दरहित संगीत हमारे, आ वैरी या मित्र बना ले, शब्दों से संगीत सजा दे, जीवन कोरा-कागज लिख, कुछ भी दिल अपना खोल के, मैं ठहरा जल मौन पड़ा, दरवाजा,खिड़की खोल के। आना पर विनती है सबसे, असमंजस ना रखना मन से, हँसकर आना,हँसकर जाना, संसय मन मे कभी ना लाना, […]

Posted in Jiwan Darpan, Jiwan dhara, UncategorizedTagged 26 Comments on Jivan-Dor/जीवन-डोर

VASUDHAIV KUTUMBKAM/वसुधैव कुटुंबकम

चलचित्र समाज का आईना है जो पूर्व एवं वर्तमान की घटनाओं को समाज के समक्ष प्रस्तुत कर सत्य से रूबरू कराता है। हमने राम,कृष्ण,बुद्ध,महावीर, गुरुनानक,यीशु मसीह के चरित्र को रामायण,महाभारत एवं अन्य ग्रंथों के माध्यम से रुपहले परदे एवं दूरदर्शन पर देख अपने जीवन को धन्य बनाया है। कोई भी धर्म गलत सन्देश नहीं देता […]

Posted in Dharm-ParampraTagged 16 Comments on VASUDHAIV KUTUMBKAM/वसुधैव कुटुंबकम

DHARM/धर्म

सिंघासन का उलटफेर,जाति-धर्मों एवं साम्राज्यवादी सोच तलेमिटती और पनपती सभ्यताएँ,सदियों से धर्मांधों की गरजती तलवारों के समक्षघुटनों के बल सिसकती इंसानियत,एवं दिल से मिटतेदया,करुणा,त्याग,प्रेम एवं रहम के नामोनिशानताज्जुब है फिर भी लोग कहते हैंधर्म जिंदा है,सच में धर्म जिंदा है तो कहाँ है धर्म?धर्म आज भी वहां जिंदा है जहाँमंदिर,मस्जिद,मुल्ला,पंडित हो ना हो,मगर जब भी […]

Posted in Dharm-ParampraTagged , 17 Comments on DHARM/धर्म

Chhath Puja/छठ व्रत

Image Credit :Google हे सृष्टि के एकमात्र प्रभु तुम मूर्तरूप भगवान, करूँ मैं तेरी पूजा, छठी मैया के साथ,करूँ मैं तेरी पूजा। हे सूर्यदेव है विनती, कर दे कंचन काया, हे भ्राता छठी माँ के, कर दे निर्मल काया, तन जारेंगे मन शुद्ध, शुद्ध फल-फूल चढ़ाऊँ, हे दिनकर तुमको, सात सुप से अर्घ्य चढ़ाऊँ, सृष्टि […]

Posted in Dharm-ParampraTagged 30 Comments on Chhath Puja/छठ व्रत

Quote..35

Follow my writings on https://www.yourquote.in/madhusudan_aepl #yourquote अश्क का सैलाब आँखों से बरसते रहे, शब्द बन दर्द सब पन्नो पर सजते रहे, काश एक बार आते हर दर्द सुना देते हम, वियोग किसे कहते हैं ये भान करा देते हम, शायद पागल चकोर को ये आभास नहीं की अम्बर से चाँद कभी जमीन पर नहीं आता, […]

Posted in QuotesTagged 29 Comments on Quote..35

ISHWAR SATYA HAIN..3

Follow my writings on https://www.yourquote.in/madhusudan_aepl #yourquote Click here to read part..2 जबतक दीपावली मनानेवाले लोग होंगे तबतक प्रभु राम होंगे, जब दीपावली मनानेवाले लोग नहीं होंगे तब भी प्रभु राम होंगे, जब वे मानव रूप में आये थे तब भी कुछ लोग उनको नहीं समझ पाए, अब इस कलियुग में प्रभु राम आ भी जाएँ […]

Posted in RAMAYANTagged 13 Comments on ISHWAR SATYA HAIN..3