Kisaan ki Byathaa

आज अन्नदाता किसान मानसून से जुआ खेलते-खेलते अपना धैर्य खोते जा रहे हैं।उनमें से अधिकतर कर्ज में डूब जानवर से भी बदतर जिंदगी जीने को बेबस हैं।उन्हीं किसानों की बिबसता दर्शाने का एक छोटा प्रयास—

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Helpless Pen

लोकतंत्र का मंदिर संसद,पत्रकार स्तंभ, ऊपर से मजबूत,जीर्ण हैं भीतर से ये खम्भ। मानवता का नाम जुबाँ पर, मानव से क्या काम, अपनी-अपनी ख्याति में सब, भूल गए इंसान, धर्म बना है आज एजेंडा,आंखें हैं अब नम, ऊपर से मजबूत,जीर्ण हैं भीतर से ये खम्भ। चीख रहा है कोरा कागज, कलम गुहार लगाता, शब्द तड़पता […]

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Quote..37

लड़खड़ाए कदम तो,सम्हल जाऊँगा, अगर गिरा भी तो जल्द ही उठ जाऊँगा, खुद घोड़े पर सवार मुझे क्या डराते हो, ऐ बुलन्दी पर रहनेवाले चलना अब तुम सीखो, मैं तो रेंगता हूँ ,डरना अब तुम सीखो, तमन्ना है मिट जाने की,मिटकर दिखाएंगे, एक नहीं लाखों में तुमको नजर आएंगे, ऐ मेरे मौत का इंतजाम करनेवालों, […]

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HAA HAM JANTA HAIN

Image Credit Google हम जनता हैं, वैसा ही जैसा कल थे, मगर अपनी व्यथा किसे सुनाएँ, कुर्बानी तो हमने भी दी थी, मगर जख्म किसे दिखाएँ, हम कल भी रोते थे, आज भी तड़पते हैं, तेरे नियमों की चक्की, सदियों से पिसते है, आदत सी हो गई है, कल ताकत का दौर था, राजतंत्र था,तब […]

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YAADEN/यादें

Image Credit : Google. कितने निर्मोही लोग मगर,फिर भी है उनसे मोह, मिटाए भी नहीं मिटते, हैं उठते दिल में शोर,मिटाए भी नहीं मिटते। सूरज नित जाकर आता, चन्दा भी चमक दिखाता, ऋतुएँ भी जाकर आती, पतझड़ में खुशबु लाती, पर बैठे वे किस छोर,जहाँ से टूटे दिल के डोर, नहीं जोड़े फिर जुड़ते, हैं […]

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HEY PRABHU/हे प्रभु

Image Credit : Google हे मुरली,मनोहर,सुदर्शन, किस नाम से तुझे बुलाऊँ मैं, हे जगन्नाथ,हे कमलनयन, किस तौर से तुझे रिझाऊँ मैं। मैं कृष्ण कहूँ या गोवर्धन, माधव बोलूँ या कंजलोचन, तुमको मैं माखनचोर कहूँ, या गोकुल का चितचोर कहूँ, हे पद्मनाभ,हे मुरलीधर, मधुसूदन,हरि,सुमेध कहूँ, हे देवकीपुत्र,यशोदानंदन, हे दयानिधि, हे ज्ञानेश्वर, हे निर्गुण,विष्णु,विश्वमूर्ति, किस तौर से […]

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ANMOL/अनमोल

कुछ फटे,कुछ सटे, कुछ शब्द पन्नों के स्याही में लिपटे वर्षों से दराज में पड़े,ये चंद चिट्ठियों के टुकड़े, किसी के लिए तुक्ष होंगे, मगर किसी के लिए जान से भी प्यारे थे,ये चंद रद्दी के टुकड़े, वो जब भी दराज खोलती, एक नजर उन टुकड़ों को देखती, लाख मनाती मगर, बिन पढ़े ही अश्क […]

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UTSAWON KAA DESH BHARAT

कभी महावीर जयंती कभी बुद्ध पूर्णिमा, गुरु फ्राइडे,सरना,करमा, लोहड़ी,क्रिसमस,होली,ओणम, रथयात्रा,छठ,तीज,गोवर्धन, कभी दशहरा,कभी दिवाली,कभी ईद तो कभी मुहर्रम, जहाँ हर दिन पर्व और उत्सव है वहाँ के किस पर्व का नाम लूँ और किसको छोडूं, ऐसे ही नहीं भारत को पर्वों एवं उत्सवों का देश कहा गया है, ऐसे में किसी एक को सत्य और शेष […]

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ANDHAARAAJ/अँधाराज

Image Credit :Google तड़पते लोग जन्नत में गजब का देश मेरा है, तपोभूमि जो ऋषियों की वहाँ छाया अँधेरा है। जहाँ मीठे नदी,झरने जहाँ थी बोल में अमृत, वहीं विषाक्त जल,वाणी,हुआ नफरत का डेरा है, तड़पते लोग जन्नत में गजब का देश मेरा है। जिसे देखो वही अब स्वार्थ की धूनी रमाते है, सिंघासनरूढ़-पालक गीत […]

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KAVITA/कविता

जब-जब सत्ता भटक गई,कविता फिर राह दिखाती है, मद में सिंघासन के जो फिर,उनको सबक सिखाती है। ये सदियों से निरंकुश सत्ता से जा टकराती है, सुप्त पड़े जनमानस में नवयौवन ये भर जाती है वतन घिरा जब भी संकट में मौन उसे स्वीकार नही, हृदयहीन तब रचना जिसने उगल सका अंगार नहीं, शहर,गांव के […]

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Kaisi Siyaasat/कैसी सियासत

ना सबूत ना गवाह,सिर्फ शिकायत, और सीधे गिरफ्तारी, वाह रे मोदी जी, ये तेरी कैसी सियासतदारी। इससे तो अच्छा होता, ना अदालतें होती ना जज,सीधे सजा सुनाई जाती, सवर्ण होना क्या कम गुनाह है, सीधे फाँसी चढ़ाई जाती, बहुत पहले माँ ने,एक कहानी सुनाई थी, बच्चा था फिर भी प्रत्येक लफ्ज समझ में आई थी, […]

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Quote..36

Follow my writings on https://www.yourquote.in/madhusudan_aepl #yourquote जिंदगी में कुछ छूट जाए तो कभी निराश होने की जरूरत नहीं, बच्चे अगर नहीं पढ़े तो घबराने की भी जरूरत नहीं, क्योंकि अक्सर कम पढ़े-लिखे लोग उद्यमी और मंत्री बन जाते हैं तथा अधिक पढ़े-लिखे लोग उनके नौकर, जिसे अंग्रेजी में कहते हैं ‘Employee’ !!!मधुसदन!!!

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हिंदी हमारी जान

हिंदुस्तान में रहते खुद को गर्व से कहते हिन्दुस्तानी, हिंदुस्तान में रहकर कैसे,गौरवान्वित है इंग्लिश वाणी। कदम-कदम पर खान-पान, हर कदम अलग सा भाषा है, रंग बिरंगे उत्सव का संगम, भारत कहलाता है, उन्नीस सौ उन्चास में फिर भी, हिंदी को सम्मान मिला, संबिधान भारत का इसको, राष्ट्रभाषा स्वीकार किया, फिर हम उन्नीस सौ तिरपन […]

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Quote..35

Follow my writings on https://www.yourquote.in/madhusudan_aepl #yourquote दस सितम्बर दो हजार अट्ठारह को फिर कुछ रहनुमा सड़क पर आनेवाले हैं, बात हमारी करेंगे मगर ताकत अपनी दिखानेवाले हैं, पता है हमें ये खेल सब है सिंघासन का, फिर भी वे ज्ञानी, कल हम में से कुछ को नाचनेवाले हैं। !!!मधुसूदन!!!

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SAMAANTA/समानता

एक किसान था जिसका नाम था हरखू। विरासत में उसे तीन एकड़ जमीन मिली थी जिसपर वह खेती कर किसी तरह अपना जीवन यापन करता था। उसके दो बेटे थे, जिसे किसानी के बल पढ़ा लिखाकर ऑफिसर बनाने का ख्वाब देखा करता था। उसने दोनों की पढ़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ी । घर में […]

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Quote.34

Follow my writings on https://www.yourquote.in/madhusudan_aepl #yourquote दूसरे की कमी और शिकायत सुनाने से अपनी कमी कम नहीं हो जाती, फिर भी कुछ लोग शिकायत करने से बाज नहीं आते, लोग कहते हैं, डायन भी पड़ोस का एक घर छोड़कर शिकार करती है, मगर शिकायत करनेवाला व्यक्ति किसी को नहीं बकस्ता,अपने माँ-बाप को भी नही। !!!मधुसूदन!!!

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GURU-SHISHYA/गुरु-शिष्य

image Credit : Google लोग कहते हैं खून का रिस्ता सभी रिश्तों से गाढ़ा होता है मगर कुछ रिश्ते ऐसे भी होते हैं जो खून से नहीं बने होते फिर भी उनकी घनिष्ठता,अपनत्व और त्याग खून के रिश्तों से तनिक भी कम नहीं। ऐसे ही रिश्तों में से एक रिश्ता है गुरु और शिष्य का। […]

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MAIN BHI INSAN HUN/मैं भी इंसान हूँ

Image Credit :Google ना मैं हिन्दू,ना मैं मुसलमान हूँ, मुझे टुकड़ों में मत बाँटो, मैं कुछ भी नहीं, मैं एक इंसान हूँ,मैं भी इंसान हूँ। कितना संघर्ष किया था, सोचा था खुशियाँ आएगी, राजतंत्र के जाने से, जातियां होगीं पर जातिवाद ना होगा, लोकतंत्र के आने से, मगर बदला क्या, कल भी धरती रोती थी, […]

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KARAGRIH PART..3

Click here to read part..2 Image Credit : Google भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि की काली अंधेरी आधी रात को रोहिणी नक्षत्र में मथुरा के महा अत्याचारी राजा कंस के कारागृह में वसुदेव की पत्नी एवं देवकी के गर्भ से एक बालक का जन्म हुआ,जिसे हम भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं। “आखिर हम उन्हें भगवान क्यों ना […]

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