Siwa tumhare/सिवा तुम्हारे

कैसे मैं कुछ और सुना दूँ,गीत नही कुछ सिवा तुम्हारे,कैसे दिल कहीं और लगा लूँ,मीत नही कोई सिवा तुम्हारे,मैं ना जानु सत्य यहाँ क्या,ना मैं जानु झूठ है क्या,तुमको देखा देख लिया जग,मैं ना जानु हूर है क्या,तुम ही मय,तुम ही मदिरालय,तुम ही देव,मेरे देवालय,तुम ही धड़कन जान तुम्ही है,सपने सब अरमान तुम्ही है,तुम ही […]

Posted in Hindi Poem, UnexpectedTagged 19 Comments on Siwa tumhare/सिवा तुम्हारे

Tuksh nahi ho tum./तुक्ष नही हो तुम।

क्यों ना राहें हों अनजान राही मगरवे भी अपना सा लगने लगेंगे,जरा चलकर तो देख,मत समझ तुक्ष खुद को प्रणेता है तूँ,बदल किस्मत की रेख।बंजर,कंटीले हों क्यों ना डगर,मंजिल वहीं होंगे तेरे बसर,सजने लगेंगे वही ख्वाब तेरे,थिरकने लगेंगे वहीं पाँव तेरे,मिल जाएंगे फिर मुकाम,जरा चलकर तो देख,मत समझ तुक्ष खुद को प्रणेता है तूँ,बदल किस्मत […]

Posted in Hindi Poem, Jiwan DarpanTagged , 23 Comments on Tuksh nahi ho tum./तुक्ष नही हो तुम।

Arthahin/अर्थहीन

दुख-सुख,हानि-लाभ,रूठते-मनाते,रोते,मुस्कुराते,चलता रहा वक़्त,चलते रहे हम,जैसे सूरज,सारी जिंदगी दहकते रहे हम,मगर इस आपाधापी में भूल गएउस डूबते सूरज को देखकर भी कि,एक दिन हमें भी रुकना है,हमें भी  डूब जाना है,कदम अग्रसर उसी ओरसजकर तैयारडोला भी,प्रतीक्षारत।वाह रे जिंदगी!क्या खोए,क्या पाएखोए रहे इसी में उम्र भर,इससे दूर स्वयं को हटा ना सके,अर्थहीन नही ये जीवन,इतना खुद को […]

Posted in Hindi Poem, Jiwan DarpanTagged 28 Comments on Arthahin/अर्थहीन

Krurta/क्रूरता

भूख से व्यग्र एक कुतिया,बार बार गलियों का चक्कर लगाती,इंसानों को देख अपनी पूँछें हिलाती,चेहरे के आव-भाव से भूखी होने का भाव दर्शातीमगर कहीं से भी रोटी का एक टुकड़ा नही मिल पाने परवापस अपने बच्चों के पास आकर लेट जाती,फिर टूट पड़ते नासमझ बच्चे उसपरऔर नोचने लगते स्तन।पेट में अन्न का दाना नहीऔर ना […]

Posted in Hindi Poem, Jiwan DarpanTagged , 27 Comments on Krurta/क्रूरता

Kora Kagaj/कोरा कागज

जब भी उठती कलम चिल्लाता कोरा कागज,सिसक सिसककर दर्द सुनाता कोरा कागज।महिमामंडित गद्दारों का करते करते,शब्द बने बोझिल,शब्दों को सहते सहते,ऊब गया, खुद पर शर्माता कोरा कागज़,जब भी उठती कलम चिल्लाता कोरा कागज।लाखों खोए वीर वतन पर मिटनेवाले,नहीं यहाँ पर कोई उनपर लिखनेवाले,कब आएंगे वे दिन,कब वो कवि बता दे,बलिदानी के नाम शब्दों की झड़ी […]

Posted in Hindi PoemTagged 19 Comments on Kora Kagaj/कोरा कागज

Daud/दौड़

टूटते गुम्बद,नित टूटते मंदिर,टूटती नही,जाति-मजहब की दीवारें,प्रेम से रिक्त होते दिल,और गगन चूमती नफरत की मीनारें,मिट गया वह भीजिसके चलने मात्र से हिलती थी धरती,नित मिट रहे कंस और दुर्योधन भी,मगर मिटती नही जग सेझूठी अहंकारें।वैसेगिराई तो तूने भी है,मेरे ख्वाबों का शीशमहल,तोड़े हैं रिस्ते,यकीन,वादे,किया है फरेबबहुत कुछ पाने को,फिर क्यों नही चमकते,तेरे चेहरे पर […]

Posted in Hindi PoemTagged 14 Comments on Daud/दौड़

Quotes 48

जाते जाते भी खूबसूरती का रंग दे जाते हैं,जीवन में औरों का उमंग दे जाते हैं,और दे जाते हैं जीवन मेंसन्देश सच्चे,ये शाख के टूटे पत्ते। !!!मधुसूदन!!!

Posted in QuotesTagged 38 Comments on Quotes 48

Qaidi/कैदी

ऊँची चाहरदीवारी,जड़े ताले किवाड़जहाँ पग-पग खड़े पहरेदार देखते हैं,कैदी हूँ,कैद से निकलना है मुश्किल,झरोखे से खुला आसमान देखते हैं।चुनकर जिसे मन ही मन हमने ऐंठा,सच है वही तख्त पर आज बैठा,फिर क्यों हम खुद को बेहाल देखते हैं,कैदी हूँ,कैद से निकलना है मुश्किल,झरोखे से खुला आसमान देखते हैं।महंगी बढ़ी घर में रोती है सजनी,उजड़ा व्यापार […]

Posted in PoliticsTagged 18 Comments on Qaidi/कैदी

Ummid/उम्मीद

बंद क्यों ना हो जाए,किवाड़ सब जमाने का,द्वार जिंदगी का कभी खुद से ना लगाना यारों,गिरते दरख़्त कई आँधियों के आने से,बीज हम दरख़्त बन सजेंगे फिर बताना यारों,जंग हर कदम कदम पर जिंदगी में जीत भी,छटेगा अँधेरा दीप खुद से ना बुझाना यारों,द्वार जिंदगी का कभी खुद से ना लगाना यारों।!!!मधुसूदन!!!

Posted in Jiwan DarpanTagged , 13 Comments on Ummid/उम्मीद

Poras aur Sikandar

Image credit:google सिकन्दर हार गया, बादशाह मकदूनिया का था,विश्वविजय अरमान, झेलम नद के तट पर आकर टूट गया अभिमान, सिकन्दर हार गया, हैं कहते जिसे महान,सिकन्दर हार गया। उत्तर में यूनान अवस्थित, मकदूनिया एक राज्य, चला सिकन्दर पूर्व दिशा में, भारी सेना साज, थिब्स,मिश्र,इराक हराते, फौज बढ़ा हिरात से आगे, समरकन्द,काबुल जीत प्रतिशोध लिया ईरान […]

Posted in Desh Bhakti, Hindi PoemTagged 43 Comments on Poras aur Sikandar

ANJAANA/अनजाना!

मुझसे भी मेरे दिल का खास,हुआ है कोई।मौसम संग बदले सारे ख्वाब,दुआ है कोई।आते वे पास,हम ना होते इस जहान में,एक साथ चाँद कई दिखते आसमान में,उनकी अदाएं,बातें,आँखें,मुस्कुराहटें,अस्त्र विचित्र,ध्वस्त गुरुर की इमारतें,खुले बज्र जैसे दिल के किवाड़,खुदा है कोई?मौसम संग बदले सारे ख्वाब,दुआ है कोई।कैसी ये रुत कैसी आई ये उमरिया,खुद से भी प्यारी लगे […]

Posted in Hindi Poem, UncategorizedTagged , 29 Comments on ANJAANA/अनजाना!

DILEMMA/उहापोह

मैं धरती तुम गगन हमारे,सूरज,चंदा,चमन हमारे,काया मेरी जान तुम्ही हो,धड़कन मेरे प्राण तुम्ही हो,बेशक नयन हमारे उनमे बस तेरे ही रूप रे पगले,भरी दुपहरी ढूँढ रहा क्यों,इधर-उधर तुम धूप रे पगले।मैं राही तुम सफर हमारे,मंजिल तुम हमसफ़र हमारे,तुम ही मेरे काशी,काबा,तुम चितचोर मेरे,मैं राधा,तुम ही हो प्रारब्ध,मुकद्दर और मैं तेरी हूर रे पगले,भरी दुपहरी ढूँढ […]

Posted in DIL, Hindi PoemTagged 51 Comments on DILEMMA/उहापोह

KAISI CHAAHAT ? / कैसी चाहत?

बहुत हुआ अब हमको बाबर जैसा होना चाहिए, हमें भी गजनी,गोरी सा संहारक होना चाहिए।। बहुत भले थे खिलजी,लोधी और टीपू सुलतान, कासिम,तुगलक,मुगलवंश के शासक बड़े महान, कितने अच्छे कार्य किए कैसे उसको गिनवाऊँ, उनकी गौरवगाथा को किन शब्दों में दर्शाऊँ, तोड़ ध्रुव स्तम्भ बनाया कोई कुतुबमिनार, ढाई दिन का झोपड़ा में है दफन ज्ञानभंडार, […]

Posted in Uncategorized38 Comments on KAISI CHAAHAT ? / कैसी चाहत?

PITA KAA MOL

देखा दुख ना जीवन में वह सुख की कीमत क्या जाने, जले पाँव ना धूप में जिनके छाँव की कीमत क्या जाने, क्या जाने माँ-बाप की कीमत,जिनके सिर पर हाथ सदा, सिर पर बाप का हाथ नहीं वो कीमत उनका पहचाने। वैसे तो कई रिश्ते होते अपने इस सारे संसार में, मगर बाप के रिश्ते […]

Posted in Maa-BaapTagged 57 Comments on PITA KAA MOL

AADAT CHAY KI/आदत चाय की

कहता रहा दिमाग,चाय सेहत के लिए ठीक नही,मगर मुश्किल था दिल को समझाना,मिलने का वक़्त मालूम,फिर भी इंतजार,चाय पीना तो था एकमात्र बहाना,घँटों की मुलाकात,लब खामोश,ये नित्य का सिलसिला था,आसान नही था कुछ भी कहना,फिर भी सुनने को आतुर वेऔर लब भी उस दिन कुछ यूँ हिला था,हम जीवन भर बर्तन धोते रहेंगे,तुम यूँ ही […]

Posted in DIL, Hindi Poem, LoveTagged 43 Comments on AADAT CHAY KI/आदत चाय की

AKROSH/आक्रोश

हाथों मे सोने का कंगन लिए बाघ,खुद को शाकाहारी बन जाने का ढोंग करता,दुर्योधनी सोच लिए सरहद रौंदने को ततपर पड़ोसीमन में घृणित रोग रखता,दशानन का साधु बन आना,और हर बार तेराछला जाना,आखिर कब तक?आखिर कब तक उस अधर्मी संग धर्म निभाओगे,पाशे का छल,द्रौपदी की चीख,और उबाल लेता धमनियों मेंशोणित की प्रवाह भूल,कबतक?आखिर कबतक उस […]

Posted in Desh Bhakti, Hindi PoemTagged , 37 Comments on AKROSH/आक्रोश

LAKSHYA/लक्ष्य

बच्चे ही दौड़ते,बुजुर्ग नही दौड़ते,कभी गौर करना तब,जब बच्चों के पाँवधरती पर पड़ते।बीज शांत तबतक,जबतक गर्भ में होते,अंकुरण का देर,फिर तो पल-पल ही बढ़ते,अंकुर को वृक्ष होते देर नही लगते,बच्चे ही दौड़ते,बुजुर्ग नही दौड़ते।छोड़ दो बहलाना खुद को,किस बाग को,सजाना सोचो,वृक्ष तो स्थिर,तेरे पाँव,किधर जाना सोचो,ख्वाब गर बदले,मंजिल बदल जाएगी,पलभर की चूक,रण-निर्णय बदल जाएगी,भगीरथ प्रयास […]

Posted in Hindi Poem, Jiwan DarpanTagged , 32 Comments on LAKSHYA/लक्ष्य

ATMAHATYA/आत्महत्या

स्तब्ध हूँ, इस तरह चले जाना तेरा ठीक नही,माना जीवन क्षणभंगुर मगर,इस कदर अपनों कोतड़पाना भी तो ठीक नही,काश अपनी मजबूरियाँ अपनों को बताते,कोई न कोई राह जरूर निकल आते,थोड़ी सी चोट और छलक जाते हैं आँसू,छुपाता कोई बिस्तर भिगोता है,तुम तो मर्द है,क्या हुआ,ऐसे लड़कियों की तरह रोता क्यों है?कुछ ऐसा ही कहा जाता […]

Posted in DIL, Hindi PoemTagged 47 Comments on ATMAHATYA/आत्महत्या

Achraj mat karna/अचरज मत करना

अभी मरघट में जगह शेष,वे उपलब्धियाँ गिनाने लगे,हम घरों में कैद कोरोना से लड़ें या भूख से,या सड़कों पर करें मौत से जद्दोजहद,उन्हें क्या,वे अब राजनीत अपना चमकाने लगे।कोरोना का नित्य बढ़ता ग्राफ,बुझते दीपक,सिकुड़ते बेड,वीरान होते घर!और होती सिर्फ राजनीत!ऐसा नही कि समाजसेवियों का अकाल हो गया,ऐसा भी नही की राजनीति में सिर्फ,चोर,डकैत,बलात्कारियों का ही […]

Posted in PoliticsTagged , 39 Comments on Achraj mat karna/अचरज मत करना

KASURWAR KAUN/कसूरवार कौन?

कभी कहते जिसे शरबती आँखें,अब नीर भरा समंदर खारा है,जिससे रिसते नीर,हरपल,दोष किसका,उनका तो नही,सब कुसूर हमारा है।हर मौसम ऋतुराज कलतक,मैं भी मधुमास से कम नही,पवित्र ऐसे जैसे कोई तीर्थ,मेरे समान निर्मल गंगा,जमजम नही,दौड़े चले आते ऐसे जैसे वर्षों का कोई प्यासा,मैं ही थी मीरा उनकी मैं ही थी राधा,खिली पंखुड़ियों सी अधरेंटपकते मकरन्द,कोयल सी […]

Posted in Hindi Poem, Jiwan dharaTagged , 47 Comments on KASURWAR KAUN/कसूरवार कौन?