Sangam

तू चंदन लेप लगाती है, मैं माटी तिलक लगाता हूँ, धरती पर तेरे पांव कहा, मैं बिस्तर धरा बनाता हूँ, महलों की है तू चकाचौंध, झोपड़पट्टी का शान प्रिये, तेरा मेरा फिर मेल कहां, तू जन्नत मैं श्मशान प्रिये। तू भी इस माटी से निकली, जिस माटी से हम निकले हैं, कल की बाते कुछ […]

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Smart City

Image Credit : Google झोपड़ी रहे ना रहे स्मार्ट सिटी बनाएंगे, पटरी पुरानी है तो क्या हुआ, बुलेट ट्रेन दौड़ाएंगे, दुख है कुछ गाडियां उलट रही, दुख है कुछ ज़िंदगियाँ बिखर रही, मगर चिंता की कोई बात नहीं, खजाने में कोई कमी नहीं, मुवावजे का हम एलान कर देंगे, सैनिक हैं हमारे पास, बाकी काम […]

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Nav Jeevan

Images credit : Google देख जिंदगी में रंग, मैं तो हो गई हूँ दंग, कभी इतनी उमंग थी ना आई, मेरी जिंदगी बहार चली आई।2 मैं थी नदियों की धार, चली छोड़ के पहाड़, बांध कोई भी जहां की, नही रोक सकी चाल, तेरी सागरों सी बाँह में समाई, मेरी जिंदगी बहार चली आई।2 तू […]

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Unexpected

Image credit: Google क्यूँ पिंजर बन्धन खोल दिया–? थी एक कटोरी छोटी सी, कुछ उसमे दाना-पानी था, लोहे की इसी सलाखों के, अंदर ही जहां हमारा था, माना नफरत के काबिल तुम, फिर भी अपना हम बोल दिए, अपनी दुनियां को भूल इसी, घर से ही नाता जोड़ लिए, क्या हमसे तेरा स्वार्थ खतम, क्यों […]

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Guru Bhakt Aruni

Image credit:Google एक आज्ञाकारी शिष्य, जिसके गुरु थे मुरीद, उसी गुरु-शिष्य की कथा सुनाऊँ, आरुणि की गुरुभक्ति आज गाउँ। ऋषि एक आयोदधम्य, जिसके शिष्य थे असंख्य, शिष्य आरुणि का नाम खूब छाया, गुरुआज्ञा को क्या खूब था निभाया, एक दिन की है बात, हुयी घोर बरसात, बाल शिष्य आरुणि था, चला आज्ञा शिरोधार्य, संग फावड़े […]

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Guru-Shishya Sambandh

Image credit..Google कई गुरु थे महान, शिष्य भी कई महान, गुरुभक्ति एक शिष्य की दिखाऊं, आज गुरु-शिष्य कथा मैं सुनाऊँ। एक गुरु थे महान, था द्रोण जिनका नाम, एकलब्य का अंगूठा लिया, काट जिससे दान, नाम खुद का था जग में हंसाया, शिष्य अर्जुन का नाम था बढ़ाया, धन्य था वो एकलब्य, खुद का ही […]

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Nasha vikas ka

Images credit.Google छोटे घर में चैन सुकूँ,सच दम बिल्डिंग में घुटता है, आसमान में रहता एक दिन धरती पर ही गिरता है| एक समय घर अपना छोटा, माँ धरती के आँचल में, आज हुए हम विकसित छूते, आसमान के बादल में, कल तक सूरज,चाँद दिखाई, देता घर के आँगन से, शुद्ध हवा के झोके छूकर, […]

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Prarthna

मेरा कोई ना सहारा भगवान्,खड़ा हूँ मैं जहान में तेरे, बड़ा बिचलित हुआ है इंसान,खड़ा हूँ मैं जहान में तेरे। तेरा ही रूप इंसान नहीं सोंचता, जाति और धर्म में जहान को है तौलता, मेघ,जल,सूर्य और जमीन,आसमान में, पेड़,पहाड़,नदी तू ही है शशांक में, प्रभु तू ही बसा है रेगिस्तान,खड़ा हूँ मैं जहान में तेरे, […]

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Baalak Dhruv 

“ૐ नमो भगवते वासुदेवाय” “ૐ नमो भगवते वासुदेवाय” गूंज  उठा इस मंत्र से, धरती- अम्बर संग ब्रम्हांड  रे, पाँच साल का बालक ध्रुव,जप करता विष्णु ध्यान रे। मनु पुत्र ब्रम्हा का जिनका, जग में दो संतान हुआ, नाम एक उत्तानपाद, राजा का चर्चा आम हुआ, उस राजा की एक ही रानी, नाम सुनीति सुकुमारी, वर्षों […]

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