PUKAAR/पुकार

हे माँ मेरी सर्वेश्वरी,गौरी,सती,कात्यायनी,हे माँ भवानी,अम्बिका,हे दक्षयज्ञविनाशिनी,माँ कर रहे हैं गुहार सुन,माँ बेबसी,चीत्कार सुन,सुन जन पड़े असहाय,बेबस,दुर्गे कष्ट-निवारिणी,कर दूर तम-अज्ञान का,वर दे हमें सुखदायिनी।माँ देख नित चहुँओर दंगे हो रहे इंसान में,अंतर दिखा लड़ते सभी अल्लाह और भगवान में,जब रब अजन्मा जग रचयिता,जंग क्यों जब है वही,किसकी विरासत के लिए फिर द्वंद्व हैं करते सभी,माँ […]

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A story of small Bird 

छोटी सी एक चिड़िया आती मेरे रोशनदान में, फुदक भुदककर रॉब जमाती मेरे रोशनदान में। रविवार को चला सफाई, करने झाड़ू लिए हुए, देखा रोशनदान हमारे, तिनको से थे भरे हुए, गुस्सा आया चिड़िया पर, फिर चल दी उसे हटाने को, आते देखा दूर थी चिड़ियां, छुप गए सबक सिखाने को, चोंच में उसके फिर […]

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KASHMIRI PANDIT/कश्मीरी पंडित

Image Credit : Google तिनका तिनका जोड़ बनाया,महल नही हक मेरा जी जो घर था मेरा अब उनका,मेरा रैन बसेरा जी। नाम बताऊँ क्या मैं खुद का, चेहरे नाम बता देंगे, दर्द कहूँ क्या नयन हमारे, सारे दर्द बता देंगे, मैं कश्मीर का पंडित हूँ,कश्मीर नही हक मेरा जी, जो घर था मेरा अब उनका,मेरा […]

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VISTHAPIT/विस्थापित

साथ चले थे,साथ लड़े थे,आजादी के ख्वाब जगे थे, मगर धर्म के आड़ में जिसने वतन हमारा तोड़ दिया, आज उसी का साथ निभा विश्वास हमारा तोड़ दिया। कल की दहशत भूल गए तुम,दर्द हमारा भूल गए तुम, पुनः धर्म का पहने चश्मा,प्रेम हमारा भूल गए तुम, याद करो तुम कल की बातें,थी कैसी तब […]

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JNU/जे.एन.यू

Image Credit : Google शिक्षा का मंदिर दंगल मैदान बना है जेएनयू, सत्ता हथियाने का बस हथियार बना है जेएनयू। काश यहाँ हम भी पढ़ पाते, लाखों सपने नित्य सजाते, मगर योग्यता जिनकी होती, वे ही इस मंदिर में जाते, निर्धन और धनवान यहाँ पर, निर्बल और बलवान यहाँ पर, शहरी,ग्रामीण हर तबकों के लाखों […]

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AYE KAISA NPR/ये कैसा एन.पी.आर?

शोर चहुँओर तड़प,चीख और पुकार, किंकर्तव्यविमूढ़ जन,ये कैसी तकरार? ये तेरा एन.पी.आर,ये मेरा एन.पी.आर! युग बदल गए कई ना घटती आफतें, मकड़ियों सी जाल बुन रही सियासतें, जब भी बढ़ा दर्द बेबसी में रो दिए, स्वांग आँसुओं का दिखाती सियासतें, अबतलक समझ सके ना हमने टोपियाँ, अश्क भरे नैन,दम्भ में है टोपियाँ, जल रही धरा,कफ़न […]

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ALGAAV/अलगाव

हम झूठे नही,मगर कभी-कभी झूठ भी बोलते हैं, जानते हैं,तुम सच कभी सुन नहीं सकते, और हम तेरे वगैर जी नही सकते, जी भी लूँ तो कोई वजूद नही। बहुत कुछ मिट गए तेरे-मेरे दरमियाँ, मगर एक चीज आज भी जिंदा है, तुम कभी जिद्द नही छोड़ते जुदा होने की और हम, कभी उम्मीद नही […]

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CAA-NRC

Image Credit : Google CAA-NRC कानून सच में बुरा है, या सिर्फ विरोध करने का हथियार है, कारण जो भी हो मगर वतन झुलस रहा और नेताओं की बहार है। मगर इन सबके के बीच झारखंड अभी गौण है, वोट बैंक एकतरफा ना हो जाए शायद डर से विपक्ष अभी मौन है, मगर क्या जलता […]

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PUNAH DADHICHI BANANAA HOGA/पुनः दधीचि बनना होगा

Image Credit : Google हे भारत के लाल जगो तुम, माता का संताप हरो तुम, हे राणा,चौहान,शिवाजी के अनुचर अब जगना होगा, वित्रासुर गर्जन करता बन पुनः दधीचि जलना होगा। शूल भरी हो डगर, धधकती दावानल की ज्वाला हो, या जलजला हो राहों में या घोर घिरी अंधियारा हो, तुम पुरुषार्थी थम मत जाना, अभिमन्यु […]

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UN-EXPECTED/अप्रत्याशित

Image Credit : Google मैंने ख्वाबों में भी ना ये सोचा कभी, इस तरह पास आओगे तुम, पास आकर लगाकर गले से मुझे, इस तरह भूल जाओगे तुम। हम अंधेरे में लाखों जलाए दिए, फिर भी रौशन नही ये निशा है, तूने ख्वाबों में भी क्यों ना सोचा कभी, तेरे बिन मेरी दुनियाँ कहाँ है, […]

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DECEMBER/दिसम्बर

Image Credit : Google कौन रहा है कौन रहेगा, कबतक चिंतित,मौन रहेगा, सबका है किरदार सुनिश्चित, जीवनभर संग कौन रहेगा, तुम बड़भागी खुद को कहना, कभी ना खुद को दीन समझना, देख मनाया जश्न कभी उसका क्षण अंतिम आया है, मगर तुम्हारे जीवन में,एक और दिसम्बर आया है, देख तुम्हारे जीवन में,एक और दिसम्बर आया […]

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ANDHI HUN/आँधी हूँ

आँधी हूँ,शायद तुम्हें यकीन नही है, डरो मत,तेरा पुत्र कोई तृण नही है, राहों का पत्थर कब रोका तूफानों को, रोक ले हमें,ऐसा कोई तुंग नही है। माँ मेरे पाँवों को कोमल ना कहना, कँधों को नाजुक ना मेरे समझना, नजरों में झाँक देख जज्बे भरे हैं, हौसले बुलंद सफर में चल पडे हैं, डरते […]

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MAUN/ मौन!

Image Credit Googl संसद मूक, सिंघासनाधीश-प्रजापालक मौन, स्वयं को सहनशील बोल शोर मचानेवाले वुद्धिजीवी मौन, जिन्हें देख मौन थी लेखनी,शब्द स्तब्ध, मैं क्या लिखता? क्या हमेशा की तरह नारियों पर होते जुल्म की दास्तान लिखता, तड़पती बेटियों की चीख,पुकार लिखता, या कापुरुषों की जमात में खड़े, खुद को धिक्कार लिखता मैं क्या लिखता? आखिर मैं […]

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PREM KAISE KARUN/प्रेम कैसे करूँ?

Image Credit : Google सुनन्दा वशिष्ठ द्वारा कश्मीरी पंडितों पर हुए जुल्म की आपबीती कहने और सुनने पर दिल से उठे भावों को शब्दों में पिरोने का प्रयास। हो सकता है किसी दोस्त को बुरा भी लगे मगर हमारा दिल दुखाने का कत्तई सोच नही। सिर्फ दर्द को शब्दों में बयां कर रहे हैं।सुनन्दा वशिष्ठ […]

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VIRODH/विरोध

Image Credit : Google शिक्षा हमारा अधिकार है जिसे जात-पात से ऊपर उठ प्रत्येक गरीब बच्चों को मुहैया करना सरकार का कर्तव्य। और जब जब सरकार की गलत नीतियों के कारण बच्चों का भविष्य अधर में लटकने का भय सताएगा विरोध होता रहेगा। वैसे देखा जाए तो गरीब बच्चे देश के किसी एक शिक्षण संस्थान […]

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NAYEE DUNIYAN/नई दुनियाँ

Image Credit : Google ना सोचे,ना समझे हवा सा बहे हम, मुहब्बत की राहों में यूँ चल पड़े हम। तुम्हें जब से देखा,तुम्हें सोचते हैं, पलक बंद में भी तुम्हें देखते हैं, तुम्हारी ही यादों में रहने लगे हम, मुहब्बत की राहों में यूँ चल पड़े हम। जमाने मे कलतक जशन जीत में थी, कभी […]

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DIRTY POLITICS/मैली राजनीत

Image Credit : Google देख रहा है देश हमारा,राजनीत का मैला खेल, गिरगिट,चीते,साँढ़,लोमड़ी,भ्रष्ट,पतित,सच्चे का मेल। जब भी क्षण मतदान के आते, लोक लुभावन नारे लाते, एक दूजे को चोर बताकर, आपस में वे हमें लड़ाते, हम लड़ते वे जश्न मनाते, मिलजुल एक ही थाल में खाते, कहने को बस धुर विरोधी, मतलब से सब घुलमिल […]

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Sardar Patel/सरदार पटेल

आजादी के वीर सपूतों,पूर्वज पर अभिमान करूँ, किन शब्दों से करूँ अलंकृत,किनसे मैं गुणगान करूँ। कितने ऐसे लाल वतन हेतू रण में थे कूद गए, लानत हम पर कैसे उन वीरों को हमसब भूल गए, कैसे हुए पटेल किसी एक दल की ग्लानि होती है, कैसे गाँधीजी पर एक दल की मनमानी होती है, लौह […]

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DEEPAK KI AWAZ/दीपक की आवाज

मैं जलता जग रौशन करता, दुनियाँ मुझको दीपक कहता, जब तक तेल दिए में होती, मैं बाती संग जलते रहता, क्या मुझ सा तुम जल पाओगे,दुनियाँ रौशन कर पाओगे, बोलो ऐ इंसान स्वयं क्या मुझ जैसा तुम बन पाओगे? क्यों नफरत का म्यान बना है, इंसाँ से हैवान बना है, बदल धर्म की परिभाषा को […]

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AYODHYA PRABHU RAM KI/अयोध्या प्रभु राम की ।

Image Credit : Google जगमग पुनः अयोध्या देखा, दीपक संग जलते दिल देखा, देखे तेरे अश्क नयन हम संग संग तेरे रोते मेरे राम जी, कह दो कहाँ गए सब न्याय टाट में,खुद गुमशुम क्यों सोते मेरे राम जी। ये कैसा कलियुग है आया, अवधपुरी क्या रंग दिखलाया, जिस धरती का नाम राम से, वहीं […]

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