Jajbaa/जज्बा

Images credit: Google पाँवों में बेड़ियाँ, हाथों में फाँस, हाय रे बिधाता तेरा कैसा इन्साफ, हाय रे बिधाता तेरा कैसा इन्साफ| बचपन में बोझ दिया, बच्चे जब खेलते, अरमाँ हमारे पहाड़ों को झेलते, चीथड़ों में सिमटी है अपनी लिबास, हाय रे बिधाता तेरा कैसा इन्साफ|२ पाँव मेरे जिस दिन घर से निकलते, चूल्हा उसी दिन […]

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Jindgi/जिंदगी

कलकल बहता पानी, स्थिर मोह लिया मन मेरा, सुदबुध खो बैठे, थे तुम बहते पानी जैसे, तेरे हो बैठे।। कल तक हम थे बृक्ष सामान, फिर भी भरा हुआ अभिमान, कितने आँधी बनकर आये, फिर भी हमें डिगा ना पाये, हम थे जड़वत सील के जैसे, विश्वामित्र भी कह लो वैसे, फिर तूँ पास मेनका […]

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Baap

माँ का कोई मोल नही, अनमोल है प्रेम,ममत्व, बाप की कीमत वो क्या जाने, जिसकी बुद्धि भ्रष्ट, मोम के जैसा दिल है जिसका, कौन है ऐसा शख्स, ठोकर से हर बार बचाने को रहता है सख्त, नजर उठाकर देखा जग में, सबका अपना कष्ट, पुत्र खुशी की खातिर बस एक, बाप को देखा मस्त, अपनी […]

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Kismat/नसीब

क्यों इतरा रहे इतना दूर जाकर, क्या पा लिया रिश्तों को भुलाकर, हम तो दोनों ही पल, जब मिले और छोड़ गए, हाथों की, उन लकीरो को देख रहे थे, जिसे उस उपरवाले ने खिंच रखी हैं, अगर मिटा सकते हो तो मिटा दो। !!!मधुसदन!!! Follow my writings on https://www.yourquote.in/madhusudan_aepl #yourquote

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Divide and rule

हमें गर्व से कहना है कि ये देश हमारा है, जरूरत पड़ी तो हँसते हँसते अपनी, जान लुटा देंगे, मगर ऐसा जान पड़ता है कि हम इस देश के नहीं। !!!मधुसदन!!!

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Jhutha Khwab

वह बेवफा ही क्या जो साथ निभा दे, वह नेता ही क्या जो वादा निभा दे, दोनों एक जैसे मुस्कुराते हैं, एक यादों के सहारे छोड़, वापस नहीं आता, दूजा, अच्छे दिन का ख्वाब दिखा, पाँच साल बाद नजर आता है, दोनों झूठे और धूर्त हैं, जानते हुए भी बिबस हम, यादों के समन्दर में […]

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Kaisi Daud/कैसी दौड़

दौड़ लगी जीवन में कितने आगे, देखो निकल गए, सबकुछ है अब पास मगर, सुख चैन हमारे बिखर गए, खोज रहे अब ध्यान-योग में, कहाँ गया वह शांत ह्रदय, आज भी अबूझ पहेली जीवन, सुलझे हैं या उलझ गए । !!! मधुसदन !!!

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Manav Trishnaa

कैसा अपना हाल किया है, संकट जग पर डाल दिया है, आँखें खोल जगत को देखो, ऐ पागल नादान, बच्चा तरसे दूध को जग में पानी को इंसान, बच्चा तरसे दूध को देखो पानी को इंसान।। देखो मोर, पपीहा गाये, कोयल मीठी तान सुनाये, रंग बिरंगे पंछी मिलजुल, मानो स्वागत गान सुनाये, मन भावन फूलों […]

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Aas kaa Diya/आस का दीपक

Image credit: Google जब तूँ आये मेरी जिंदगी में, कील भी गुदगुदाने लगी थी, छोड़ तूँ जब गए जिंदगी से, फूल भी अब सताने लगी हैं। जब तूँ आये मेरे जिंदगी में,कील भी गुदगुदाने लगी थी। रेत ही रेत थी जिंदगी में, मरुभूमि गुलिस्ताँ बनी थी, छोड़ जबसे गए रेत भी ये, मुझसे दामन छुड़ाने […]

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Apnapan/अपनापन

संसार की सभी भाषाएँ अनमोल और रसभरे हैं, जिसका महत्व वही जान सकते हैं जो उसे बोल और समझ पाते हैं।अगर मैं अपनी बात करूँ तो रोटी हमे अंग्रेजी से आती है और हिन्दी मुझे अपनापन का आभास दिलाती है। दुश्मन भी बोले बोल,अकड़कर हिंदी में, अपना सा लगता है, गर अपने बोले बोल,चहककर परदेशी, […]

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POPULATION/जनसंख्या

बढ़ती गाड़ियां बढ़ते लोग, आह-आह कर बोला रोड, बसकर जनसंख्या का अब ना, और बढ़ा धरती पर बोझ, बढ़ती गाड़ियां बढ़ते लोग,आह-आह कर बोला रोड|२ जनसंख्या मानव का दुश्मन, धर्म से इसको मत बांधो, हिन्दू,मुस्लिम,सिक्ख,ईसाई, में धरती को मत बांटो, अपने ही फिर दुश्मन होंगे, अंत में मत करना तुम शोक, बढ़ती गाड़ियां बढ़ते लोग,आह-आह […]

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Prem Aavedan/प्रेम आवेदन

हुए अब कितने हम मजबूर, तुम्हारे बिन दुनियाँ से दूर, ये अँखिया इंतेज़ार में जागी, भेज रहे तुमको हम पाती, पाती में अश्कों की धार,ये चुटका पढ़ लेना, शब्द अश्कों में लिपटे यार,चुटका पढ़ लेना। अंखियां गीली मन है प्यासा, उपवन मरुस्थल सी आजा, नीले अम्बर,तपती धूप, सूखे ताल,तलैया,कूप, मगर उम्मीद अभी मन बाकी,सागर भर […]

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Maa Bharti

हैं दोनों ही संतान मेरे, एक वे भी हैं एक तुम भी हो, हो दोनों ही अरमान मेरे,एक वे भी हैं एक तुम भी हो। एक खून की होली खेल गए, जंजीर गुलामी तोड़ गए, माँ के आंसू के बदले में, हंसकर शूली पर झूल गए, एक रोज रुलाया करते हैं, अपनों पर हमला करते […]

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Smaran Lauh Purush ki/स्मरण लौह पुरुष की

हम इंसानों में कोई खासियत हो ना हो,कमी निकालने की हुनर कूट-कूटकर भरी होती है। सामने अगर भगवान् आ जाएं कमियां हम उनमें भी ढूंढ लेते हैं। मगर कभी-कभी ऐसे हुनर को दरकिनार कर हमें उन युगपुरुषों को जरूर स्मरण करना चाहिए जिन्होंने देश की स्वाधीनता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। ऐसे ही […]

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Naari ka Dard

कैसा ये संसार किया है, जुल्म का सीमा पार किया है, तेरी बिटिया,बहन सिसककर, तुम्हें जताने आयी है, बसकर जुल्म न सहना अब ये,तुझे बताने आयी है, बसकर जुल्म न सहनाअब ये ……। युग बदला इंसान बदल गए, गीताज्ञान किताब में रह गए, पश्चिमवादी सोंच में अब तो, नारी के सम्मान बदल गए, तड़प रही […]

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Benakaab

ham hain shaanti ke pujaaree, jaise baal bramhachaaree, roop daity kyon badal ,ban gayee hai menaka .1 saara vishv hai hamaara ,ham hain vishv ke nivaasee, nahin bair hamen bair kyon, sikhaatee menaka .2 dekh shaanti ko adig,teree buddhi huyee ksheen, roop jang ka kyon chhal se,dikhaatee menaka.3 jan-jan hue trast, kiya roop too beebhats, […]

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KAISA PANCH/कैसा पंच

जब नफरत दिल में भरे हुए, अजान सुनाकर क्या होगा, जब दिल में तेरे प्रेम नहीं, घँटे को बजाकर क्या होगा। संसार बनाया है जिसने, हमसब का भी निर्माण किया, हर जीव में जान बसी जिसकी, उसने ही हम में प्राण दिया, इतना जब हम ना समझ सके, पूजन भगवन का क्या होगा, जब दिल […]

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Anndaata/अन्नदाता

गोरे बदन जब काले हो जाते, तन पर के कपड़े भी चिथड़े हो जाते, सूरज की ताप जब हार मान जाती है, तब जा के खेतों में पौध लहलाती है, तब जा के खेतों में पौध लहलाती है। खेतों में पौधों को सींचता है ऐसे, थाली में मोती सजाता हो जैसे, खून-पसीने से फसल जब […]

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Maa ka Pyaar

आज इंसान अपनों से कोसों दूर रोजी-रोटी की जुगाड़ में चला जा रहा है,जहाँ अपने माँ बाप को चाहकर भी नहीं रख पाता। माँ-बाप को भी अपना गांव छोड़ा नहीं जाता।अचानक वह इंसान अपनी माँ की मृत्यु की खबर सुन तड़पने लगता है। अब आगे उसी की जुबानी——- कितने थे अंजान प्रेम से,आज ये हमने […]

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