Maa

ऐ माँ बोल बता मुझको मै,तेरा क्या सम्मान करूँ, ममता,त्याग,तपस्या की माँ,कैसे मैं गुणगान करूँ। बचपन से तुमसे ही सीखा, सीख मैं कितना बतलाऊँ, कितना प्यार किया तुम मुझको, कैसे उसको दुहराऊं, मुझे खिलाती फिर तू खाती, मेरे हक में तू लड़ जाती, दर्द कभी हो मुझको माँ फिर, रात तुम्हारी दिन बन जाती, सच […]

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Yaadon ka Bavander

चाँद शीतल ना जलता रवि हूँ, ना ही शायर ना कोई कवि हूँ, धुन समझा नहीं,भाव जाना नहीं, है अलंकार क्या मैंने जाना नहीं, छंद क्या है ना मुझको पता है, दिल ने समझा वही लिख दिया है, तू है Digital मेरी मैं तेरा ‘C’ बात कुछ भी नहीं है जरा सी, दिल तड़पता रहा,दर्द […]

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Bharat Gatha (Part.1)

Images credit: Google आर्य-द्रविड़ की धरती भारत, सोने की चिड़ियाँ थी भारत, पड़ी विश्व की नजर कथा उस जम्बूद्वीप की गाता हूँ, रौंद दिया सभ्यता उसी भारत की हाल सुनाता हूँ|२ कर्मप्रधान धरा भारत की, जिसको माँ हम कहते हैं, जहां जन्म लेने को ईश्वर, भी लालायित रहते हैं, मीठे जल-नद,पर्वत,सागर, हरे-भरे वृक्षों का भारत, […]

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SANDESH PREM KA

दीप से जलती बाती बोली, हम भी आ कुछ कर जाएं, जबतक साँस हमारे हम, आ जग को रौशन कर जाएं। जगह-जगह पर घोर अंधेरा, छाया है जिन राहों में, चला बटोही राह पकड़, आ बिछ जाएं उन राहों में, अंत हमारा भी निश्चित, उससे पहले कुछ कर जाएं, जबतक साँस हमारे हम, आ जग […]

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Yaaden

जलता दीपक भी मुस्काता, मेरी खुशियों खातिर, अंतर्मन में झाँक के देखो, मैं जलती दिन राती।1 चकाचौंध में खो बैठे तुम, भूल गए सब वादे, हंसी हमारी छीन लिया क्यूँ, क्या थी भूल बता दे, तुम हँसते मुस्कान छीन, क्यूँ याद तुम्हें ना आती, अंतर्मन में झाँक के देखो, मैं जलती दिन राती।2 तुझे मुबारक […]

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BHUKH

आज ये पटाखे वही फोड़ रहे हैं जिनके पास खाने की भरी थाली है।भूखे तो बेचारे आज भी पानी पीकर अपनी भूख मिटा रहे हैं। किसी की दीवाली, किसी का दिवाला, किसी की नसीब में, ना आज दो निवाला। !!!मधुसूदन!!! Follow my writings on https://www.yourquote.in/madhusudan_aepl #yourquote Follow my writings on https://www.yourquote.in/madhusudan_aepl #yourquote

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Diwali

दीप जला हम ख़ुशी मनाते, दीपक के संग हम मुस्काते, एक साल की पड़ी गन्दगी, को घर से हम दूर भगाते। साफ़ किया घर मिहनत से, क्या मन से गंध मिटाए हम, जब भी सोंच गयी इस पर, तब घोर अन्धेरा पाए हम। रौशन तो कर दिया जमाना, अन्धकार भागा है, मन के अंदर देख […]

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परिवर्तन/Pariwartan

आशियाना बदलते रहे उम्र भर,कुछ भी बदला नहीं, हम बदलते रहे धर्म और जातियां,कुछ भी बदला नहीं । हम अकेला चले कारवां बन गया, देखते-देखते ये जहाँ बन गया, जब जुआरी थे हमको जुआरी मिला, जब बने हम शराबी शराबी मिला, हम जैसा थे वैसा जहां बन गया,कुछ भी बदला नहीं, हम बदलते रहे धर्म […]

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Rishtey

जब से है दुनियाँ जब से है हम, हमसे है रिश्ते रिश्तों से हम, हम से ही बनते बिगड़ते हैैं रिश्ते, किसको कहें कैसे मिटते हैं रिश्ते, दिमाग से बने रिश्ते कभी टिकटे नहीं, दिल से बनें रिश्ते कभी मिटते नहीं, वैसे तो मिटानेवाले कुछ भी मिटा देते हैं, दूध का कर्ज,माँ का दर्द भुला […]

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DARD/दर्द

Image credit:Google चैन दिन में कहीं अब तो आती नहीं, नींद रातों में भी मुझको आती नही, क्यूँ बताएं कि है किस तरह जिंदगी, जब हमारी तुम्हें याद आती नहीं। जब हमारी तुम्हें याद आती नहीं।। चाँदनी रात सी थी अमावस कभी, ग्रीष्म भी शीत सी लग रही थी कभी, अब हमें पूस ठंडक दिलाती […]

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Dhairya ki Seema

धार तेज नदियों की चाहे, कोई दुर्गम घाटी हो, बाँध बना सकते हो उसपर, चाहे गीली माटी हो, मगर जो टूटा बाँध धैर्य का उसको बाँध ना पाओगे, खेल रहा क्यों धैर्य से मेरे,जीवन भर पछताओगे।2 टिप-टिप रिसता नल से पानी, उसे पलम्बर बंद करे, जब रिसता है आंख से पानी, कौन पलम्बर बंद करे, […]

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Bewfa

क्या बात है…?क्या हुआ…? आज ऐसे क्यों देख रहे हो, इतने उदास क्यों हो–? वे सामने बैठे, हमसे सवाल करते रहे, हम मौन अपलक उन्हें, देखते रहे, दिल में हजारों सवाल, सुनामी की तरह सबकुछ, बहा ले जाने को तत्त्पर, जिसे मुश्किल से रोक हम, अंदर ही अंदर सिसकते रहे, कितना यकीन था इनपर, क्यों […]

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Mahatvkanksha/महत्वकांक्षा

मानव करता उत्तपात मगर, चट्टान पिघलते देखा है, होते हैं जब इंसान दुखी,तब मेघ बरसते देखा है| जलचर,नभचर संग जीव सभी, मानव का साथ निभाते हैं, पर खेद हमें अपनों पर है, जो इनको रोज मिटाते हैं, नदियां कहती आ पास मेरे, मीठे जल तुझे पिलाऊंगी, गैया कहती आ पास मेरे, मैं तुझमें यौवन लाऊंगी, […]

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Gam ki Baaris

Image credit: Google ऐ मेघ बता क्या दर्द तुझे,जो तुम रोते हो रातों में, प्रियतम मेरे परदेस बसे, मैं रोती उनकी यादों में। मैं आंख मिचौली खेल रहा, चंदा संग दूर सितारों में, एक चीख उठी मैं ठिठक गया, चंदा संग दूर सितारों में, देखा मैं तुझे झरोखे में, थे आंख अश्क से भरे पड़े, […]

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Shabd kis kaam ke

Images credit: Google दिल में रहकर अनजान रहा, वो शब्द की कीमत क्या जाने, ना देख सका बहते आँसूं, अल्फाज भला क्या पहचाने। फिर क्यूँ लिखें जज्बातों को, कोरे कागज पर अश्कों से, हम क्यूँ छेड़ें दिल राग बता, कोरे कागज पर अश्कों से, रख पायेगा ये कागज क्या, जज्बात छलकते आंखों के, जब उसने […]

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Betiyan

बेटियाँ, बेटियाँ, बेटियाँ, आधी आबादी संसार की, जिसपर, कुछ संरक्षक धर्म और समाज के, पाँव में बेड़ी लगाया है, अस्तित्व जो पुरुषों की, उसको, घूंघट और बुर्का पहनाया है, वैसे तो कल भी, कुछ बेटियों को आजादी थी, बहुत सी बेटीयों पर आज भी, और कल भी, पुरुष मानसिकता हावी थी, बावजूद, जब-जब मौका मिला, […]

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Kuchh Kali Qaid Guldaste me

Image credit:Google पुष्प महकती इठलाती थी, कभी शान से गुलशन में, किश्मत पर है वही सिसकती, आज कैद गुलदस्ते में, कलि बनी कब फूल न जाना, जा बैठी गुलदस्ते में, इठलाना,बलखाना सारा,भूल गयी गुलदस्ते में। खुशबु रखती पास महकती, जहां,कहीं भी वो जाती, अपने संग संग मरघट को भी, गुलशन सा है महकाती, मगर कद्र […]

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Khatre men Kaun..?

Images credit: Google क्यों खतरा-खतरा चिल्लाते, फिरते हो रास्ते में, फुर्सत में देखो अंतर्मन, है कौन खतरे में, ना हिन्दू खतरे में है ना इस्लाम खतरे में, ऐ नफरत के सौदागर है इंसान खतरे में। था अमन भरा धरती पर, कितना नफरत फैलाया, क्या पाया मुड़कर देख, बना कैसा दुनियाँ सारा, हम ईद मनाते थे […]

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