Chupke-Chupke

हवा ठंडी-ठंडी, घटा थी गगन में, हँसी मिल रहे दो बहारे चमन में, किसी को पता ना कोई खबर थी, कि क्या घट रही थी बहारे चमन में, हवा बह रही थी…………………..। मुलाकात पहली डगर भी नई थी, जमाने का भी डर उन्हें लग रही थी, थे अरमान लाखों बसे उनके मन में, निडर मिल […]

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Sangam

तू चंदन लेप लगाती है, मैं माटी तिलक लगाता हूँ, धरती पर तेरे पांव कहा, मैं बिस्तर धरा बनाता हूँ, महलों की है तू चकाचौंध, झोपड़पट्टी का शान प्रिये, तेरा मेरा फिर मेल कहां, तू जन्नत मैं श्मशान प्रिये। तू भी इस माटी से निकली, जिस माटी से हम निकले हैं, कल की बाते कुछ […]

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Smart City

Image Credit : Google झोपड़ी रहे ना रहे स्मार्ट सिटी बनाएंगे, पटरी पुरानी है तो क्या हुआ, बुलेट ट्रेन दौड़ाएंगे, दुख है कुछ गाडियां उलट रही, दुख है कुछ ज़िंदगियाँ बिखर रही, मगर चिंता की कोई बात नहीं, खजाने में कोई कमी नहीं, मुवावजे का हम एलान कर देंगे, सैनिक हैं हमारे पास, बाकी काम […]

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Nav Jeevan

Images credit : Google देख जिंदगी में रंग, मैं तो हो गई हूँ दंग, कभी इतनी उमंग थी ना आई, मेरी जिंदगी बहार चली आई।2 मैं थी नदियों की धार, चली छोड़ के पहाड़, बांध कोई भी जहां की, नही रोक सकी चाल, तेरी सागरों सी बाँह में समाई, मेरी जिंदगी बहार चली आई।2 तू […]

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Unexpected

Image credit: Google क्यूँ पिंजर बन्धन खोल दिया–? थी एक कटोरी छोटी सी, कुछ उसमे दाना-पानी था, लोहे की इसी सलाखों के, अंदर ही जहां हमारा था, माना नफरत के काबिल तुम, फिर भी अपना हम बोल दिए, अपनी दुनियां को भूल इसी, घर से ही नाता जोड़ लिए, क्या हमसे तेरा स्वार्थ खतम, क्यों […]

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Guru Bhakt Aruni

Image credit:Google एक आज्ञाकारी शिष्य, जिसके गुरु थे मुरीद, उसी गुरु-शिष्य की कथा सुनाऊँ, आरुणि की गुरुभक्ति आज गाउँ। ऋषि एक आयोदधम्य, जिसके शिष्य थे असंख्य, शिष्य आरुणि का नाम खूब छाया, गुरुआज्ञा को क्या खूब था निभाया, एक दिन की है बात, हुयी घोर बरसात, बाल शिष्य आरुणि था, चला आज्ञा शिरोधार्य, संग फावड़े […]

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Guru-Shishya Sambandh

Image credit..Google कई गुरु थे महान, शिष्य भी कई महान, गुरुभक्ति एक शिष्य की दिखाऊं, आज गुरु-शिष्य कथा मैं सुनाऊँ। एक गुरु थे महान, था द्रोण जिनका नाम, एकलब्य का अंगूठा लिया, काट जिससे दान, नाम खुद का था जग में हंसाया, शिष्य अर्जुन का नाम था बढ़ाया, धन्य था वो एकलब्य, खुद का ही […]

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Nasha vikas ka

Images credit.Google छोटे घर में चैन सुकूँ,सच दम बिल्डिंग में घुटता है, आसमान में रहता एक दिन धरती पर ही गिरता है| एक समय घर अपना छोटा, माँ धरती के आँचल में, आज हुए हम विकसित छूते, आसमान के बादल में, कल तक सूरज,चाँद दिखाई, देता घर के आँगन से, शुद्ध हवा के झोके छूकर, […]

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Prarthna

मेरा कोई ना सहारा भगवान्,खड़ा हूँ मैं जहान में तेरे, बड़ा बिचलित हुआ है इंसान,खड़ा हूँ मैं जहान में तेरे। तेरा ही रूप इंसान नहीं सोंचता, जाति और धर्म में जहान को है तौलता, मेघ,जल,सूर्य और जमीन,आसमान में, पेड़,पहाड़,नदी तू ही है शशांक में, प्रभु तू ही बसा है रेगिस्तान,खड़ा हूँ मैं जहान में तेरे, […]

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Baalak Dhruv 

“ૐ नमो भगवते वासुदेवाय” “ૐ नमो भगवते वासुदेवाय” गूंज  उठा इस मंत्र से, धरती- अम्बर संग ब्रम्हांड  रे, पाँच साल का बालक ध्रुव,जप करता विष्णु ध्यान रे। मनु पुत्र ब्रम्हा का जिनका, जग में दो संतान हुआ, नाम एक उत्तानपाद, राजा का चर्चा आम हुआ, उस राजा की एक ही रानी, नाम सुनीति सुकुमारी, वर्षों […]

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Jindagi ke Rang 

जीवन है सतरंगी आ संग,इसके जश्न मनाले, एक-एक खो जाएंगे फिर,जो भी साथ हमारे। हाथ मे आया और कब खोया, लट्टू,गीली-डंडा, खेल कबड्डी कब आया, कब खोया हाथ से अंटा, पता नही कब कलम मिली कब छूट गया विद्यालय, पता नहीं कब यौवन आयी, कब आया मदिरालय, होठों से कब जाम लगा,साकी थे साथ हमारे, […]

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Jindagi

गुड्डा ​मैं एक घरौंदे का, जिसकी तु प्यारी गुड़िया है, यादों में मेरी तू बसती, तुममे ही मेरी दुनियाँ है, तू रूठ गयी रब रूठ गया, था बना घरौंदा टूट गया, ये मान सका ना पागल दिल, सपनों का सागर सूख गया, कहते हैं सब मैं पागल हूँ, सब कहते तू अब नहीं रही, उस […]

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Insan ki Pukar

Image..Google धरती,अम्बर शुद्ध हवा,पानी फिर भी ना मंगल है, जहाँ नही हक जीने का निर्बल को,फिर वह जंगल है। जंगल मे जीव निकलते घर से, भूखे पेट को चैन कहाँ, क्या भूख मिटेगी या जीवन ही, जीव को इसकी खबर कहाँ, है सजग कान,आंखें चचल, खतरों से है अनभिज्ञ नहीं, है मगर बिबसता भोजन की, […]

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Sarhad

उत्तर, दक्षिण, पूरब, पश्चिम, है दुश्मन के घाट-घाट, मेरे राम-रहीमा,………थाम ले हमरी बांह ……रे मोरे राम रहीमा………..थाम ले हमरी बांह।। ये धरती है राम का जिसने, रावण का सहार किया, भूल गयी दुनियां कृष्ना ने, यहीं से गीता ज्ञान दिया,2 इस पावन धरती पर अब तो, दुश्मन देखे झांक-झाँक, मेरे राम-रहीमा,………थाम ले हमरी बांह ……रे […]

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Tiranga Hamari Jaan

Image credit .google जब तलक है तिरंगा है शान मेरा,तेरे क़दमों मेंअर्पित है जान मेरा। यूँ तो टुकड़ों में कल आज भी हैं बंटे, धर्म जाति से ऊपर नहीं उठ सके, क्या हुआ क्षेत्र में हम हैं बिखरे हुये, हैं मगर इस तिरंगे में सिमटे हुये, इस महापर्व पर है शान मेरा,तेरे क़दमों में अर्पित […]

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Antarkalah

क्या क्या सहा ये वतन हँसते-हँसते, किसे ये दिखाये जखम हँसते-हँसते। जिगर में जिसे अपना इसने बसाया, माथे की बिंदिया जिसे था बनाया, कभी नाज़ करती जहाँ,जिसके बल पर, उसी ने उजाड़े खुशी इस चमन के किसे ये दिखाये जखम हँसते-हँसते। सदियों से देखी कई सभ्यताएँ, ढली ये स्वयं जैसा हमने बनाये, कई सरहदों में […]

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Kimat Brikshon ka

कह पाता  ना शब्द उसे, तस्वीर बयाँ कर जाती है, जुल्म हुए हैं कितने सब,हालात बयाँ कर जाती है। दर्द न समझा बेजुबान का, आरे से तन चीर दिया, तड़प-तड़प कर पत्तों ने उसके आगे दम तोड़ दिया, मत मारो ऐ मानव मुझको, कितनी बार कहा होगा, तेरी श्वांस सहारा हूँ मैं, रोकर बतलाया होगा, […]

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Agyaani

जंगल-जंगल भटक रहा था, जंगली था इंसान, ज्ञान दिया भगवान ने हमको, बना दिया इंसान, फिर भी बदला क्या इंसान,फिर भी ना बदला इंसान। ऊंच-नीच का भेद मिटा, हर रिश्ते को समझाने को, राजतिलक का त्याग किया, मानव को पाठ पढ़ाने को, किसी ने शूली चढ़ हमसब को, मानवता का ज्ञान दिया, सत्य,अहिंसा का रब […]

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Kashmakash

जिंदगी जंग है,जंग है जिंदगी, क्या करे ना करे तंग है जिंदगी, है अनेक रास्ते एक को ढूंढता, जब से दुनिया में हैं रास्ते चुनता, हम समर्पण करें या लड़े जिंदगी, क्या करे ना करे तंग है जिंदगी | बात खाने की हो ब्यंजने हैं कई, धर्म,जाति कहें तो यहां हैं कई, शासनों के कई […]

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