AAH GARIB KA

क्यों सताते हैं लोग मजलूमों को, भूल जाते हैं, बेसहारे भी हैं इस जहां के, क्यों रुलाते हैं | सबका जीवन भी है एक जैसा, सबको मरना भी है एक जैसा, ये बना पंच तत्वों का तन है, ब्यर्थ इतरा ना तन एक जैसा, साथ जाता नहीं ये कफ़न भी, क्यों गुर्राते हैं, बेसहारे भी […]

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Bachpan Ki Duniyan

Image Credit :Google छोटी-छोटी खुशियाँ थी छोटे-छोटे गम, छोटी सी जहाँ थी जब छोटे से थे हम, झगडे भी छोटे होती ऊँगली से मिलन, खोया वो जहान कहाँ खोया बचपन, खोया वो जहान कहाँ खोया बचपन।1 आँखें और जुबान कल एक ही बात बोलते, प्यार हम किसी की औकात से ना तौलते, मिटटी के घरौंदे […]

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Satyameo Jayate

अँधेरे को अँधेरा,उजाले को उजाला भाता है, किसी को सूरज किसी को चाँद रास आता है, निरंकुश तो जमाने में हमने भी बहुत देखें हैं, सत्य के आगे तो अशोक भी हार जाता है। स्वार्थ जब भी बढ़ा,बादल की तरह अम्बर में, सत्य ढकता रहा सूरज की तरह अम्बर में, लोग निरंकुशता में सत्य भूल […]

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SOCH/सोच

Image Credit :Google मुल्क वही इंसान वही,एक शोषित एक शासनकर्ता, बीत गयी सदियाँ फिर भी,ना हम बदले ना तुम बदला। जंग लड़े हैं हमने कितने,भूख कभी बिमारी से, देख रहे थे मरते बच्चे,बेबस और लाचारी से, बच्चों के हालात बदलने,सोच लिया रण में जाना, भूख से मरने से बेहतर है,गोली खाकर मर जाना, कब सुधरेगी […]

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Manjil Ki Chahat

​रास्ते तब ख़त्म होते हैं जब, मंजिल करीब आती है, चौराहे पर खड़े हर राही को, मंजिल भी पास बुलाती है, हम दीवाने मंजिलों के कहाँ खो जाते हैं हारकर क्यों राहों में फिर हम जाते हैं, कितना फौलादी था कल का वो इंसान, सपनों में देखा था जिसने एक जहान, फिर उठा तो वो […]

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Diya Aur Baati

इस गुलशन के बिराने में,ये मेल हमारा कैसा है संयोग कहें या रब जाने,दो दिल एक जान के जैसा है | एक नजर में तुमसे प्रेम हुआ, दिल छोड़ के तेरा हो बैठे, ऐ प्रियतम मुझमें तुम, तुममें अपने संसार को खो बैठे, जब नजर मिली खामोश जिगर, जीने एक आधार मिला, हम छोड़ चुुके […]

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Purane din

क्यों गुमशुम हो आओ,उस दौर की बाते करते हैं, अविकसित ही सही उस गुलशन की सैर करते हैं। इंटरनेट,मोबाइल से हम बिलकुल अनजान थे, टी.वी. और रेडिओ भी चाँद के सामान थे, सफर में गाडी बामुश्किल मिला करती थी, फिर भी थी मस्ती तू साथ रहा करती थी| आज भी वो याद है तेरा मुश्कुराना, […]

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Saath-Saath

कितनी हसीन दुनियाँ मेरी, खुशनसीब हम अगर साथ हो, गर साथ हो जमीं पे नहीं रहते हैं कदम अगर साथ हो। वे आग की दरिया हैं,तो हम बर्फ का गोला, तिल,तिल पिघल रहे जलाता आग का शोला, हैं आग की मलिका जलाना उनका काम है, हम बर्फ पिघलकर बुझाना मेरा काम है, है ग्रीष्म के […]

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Dustak

बिखर कर भी प्रेम बिखर नहीं पाता है, संवर कर भी स्वार्थ संवर नहीं पाता है, खुशबु बिखेरे मिटकर फूल दुनिया में, कांटे फूल पाकर भी महक नहीं पाता है, बिखर कर भी प्रेम बिखर नहीं पाता है। जिंदगी तो दौड़ है स्वार्थ और प्रेम का, रिसते हैं आँखों से अश्क स्वार्थ-प्रेम का, सिलवटें निशान […]

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Megha Ajaa Man Tarse

आसमान में गरज रहा क्यों मेघा रे, तेरी धरती प्यासी प्यास बुझा जा रे| नजरों से था दूर याद मैं करती थी, रात-दिन आने की राह निरखती थी, पास में आकर दूर समझ ना पाऊँ मैं, अपनी दर्द को कैसे अब दिखलाऊँ मैं, आँखमिचौली धुप से खेल ना मेघा रे, तेरी धरती प्यासी प्यास बुझा […]

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Titliyon si Jindgi

Image Credit : Google ना गम कोई होता ना बन्धन ही होती मेरी भी जीवन तितलियों सी होती, चंचलता के संग में संजीदगी भी होती,मेरी भी जीवन तितलियों सी होती।। फिर हम जहाँ में सबको लुभाते, रंगीन जहाँ को हम फिर बनाते, निगाहें शराबी अदाओं के संग-संग, थोड़ी सी हम मे शराफत भी होती,मेरी भी […]

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Ummeed

देख ले दर्द में कैसा हाल, हैं आँखे भीगी की भीगी, बह रही उर बीच कैसी धार,कंचुकी गीली की गीली। देखकर घर का बुरा हाल. है तूने छोड़ दिया घर द्वार, है गुजरे याद में कितने साल, संदेसा आया ना एक बार,धैर्य है टुटा, याद है कल की सारी बातें, तेरी प्रेम भरी सब यादें, […]

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Nothing Without Nation

Image Credit : Google हैं कोमल-नाजुक पत्ते हम, हमसे खूबसूरती डाल की, गर टूट गए डाली से हम,फिर कीमत क्या है जान की। हम नाजुक हैं कमजोर नहीं, टकरा जाते तूफानों से, बेशक टकराकर तन अपना, रक्त-रंजित भी हो जाते हैं, आती है घोर बिपत्ति जब भी, हम पर, तरु या डाली पर, एक दूजे […]

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Bibas Insaan

हम कलि हैं बचा लो चमन के तेरे, वरना खिलने के पहले बिखर जाएंगे, हम भी हैं इस जहां की तुम्हारे वतन, तेरे क़दमों में सिर अपना रख जाएंगे ।। बस करो जातियों में ना बांटों हमें, धर्म का पाठ अब ना पढ़ाओ हमें, एक धरा,एक वतन,एक इंसान हम, प्रेम की हम किरण प्रेम की […]

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Jindagi 

Image Credit : Google ऐ जिंदगी कितनी छोटी,कितनी हँसीन है तूँ फूलों से भी नाजुक और कमसिन है तूँ, सहजता से जिया तुझे बचपन से अभी तक, होठों की मुश्कान तूने बिखेरा है जमीं पर, खुशियाँ बहुत है,आसमाँ क्यों दिखाते हो, बचपन के जाते नई जहाँ क्यों दिखाते हो, बहुत ही हँसीन है तू ऐ […]

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Kora Kaagaj

Image Credit : Google जीवन कोरा बिन अपनों के, जैसे कोरा कागज, धरती की ना प्यास बुझाये, बिन पानी के बादल, ख्वाब बिना पानी के बादल, आँख खुले तड़पाते, क्या लिखूँ मैं याद में तेरी,शब्द मुझे तरसाते।1 लिखना चाहूं,लिख ना पाऊं, जज्बातों को मैं उकसाऊं, पढ़कर तुमको तेरा होकर, ख्याल हजारों आतें, क्या लिखूँ मैं […]

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Talaaq ka Dansh

तड़प,वेदना,चीख,विनय,मज़बूरी और जज्बात, शौहर,रब,माँ-बाप सभी को दिखलाती हालात, मगर स्वार्थ,मतलब,गुरुर में,दर्द ना देखा नर ने, दिल में थी तस्वीर किसी की,दे दी तीन तलाक। ●●●●● आक्रोश एवं एक असफल बिनती नारी का•••• ऐसे नफरत ना कर हम से प्यारे,हम किधर जाएंगे, अम्मी,अब्बू को क्या हम बताएं,सुन के मर जाएंगे, ऐसे नफरत ना………………….|1 हम से पहली […]

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Politics 

देश बुरा ना हम बुरे,ना बुरा है अपना संबिधान, राजनीत की चक्की में है,फिर भी पीस रहा इंसान। सत्तर साल की हुयी आजादी, क्या खोये क्या पाये हम, आओ देखें गुलशन अपना, क्या बोये क्या पाये हम, खेत बिना पानी के अब भी, मजदूरों का हाल बेहाल, बिद्यालय से शिक्षा गायब, बेरोजगार की लगी कतार, […]

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Armaan

प्रेम तो बहती नदियों जैसा, पर वैसा हम जीव नहीं, प्रेम तो करते बृक्ष मगर हम, वैसा भी निर्जीव नहीं, प्यास लगे तब क्षुधा मिटाएं, फल,फूलों से प्यारे करें, जब मर्जी तब उसे मसल दें, ये कैसा फिर प्यार करें, ऐसे स्वार्थ से घबराता दिल,मोम है ये पाषाण नहीं। प्रेम के बदले प्रेम चाहते, इंशां […]

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Thanks to All

प्रिय पाठकगण एवम साथियों, नमस्कार, आप सब ने अपना बेशकीमती समय देकर हमारे पोस्ट को पढ़ा,पसंद किया साथ ही साथ प्रतिक्रिया भी ब्यक्त किया इसके लिए आपको कोटि-कोटि आभार।हम अपनी कविता और लेख के माध्यम से आपसब का  मनोरंजन करने के साथ साथ समाज में फैली बुराईयों पर ध्यान आकृष्ट करने का प्रयास करता हूँ […]

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