Phir Bebas Ek Kisan

Image Credit :Google *जून 2017 की हृदयविदारक सच्ची घटना पर आधारित कविता।* रात का गहरा अंधेरा,नर को एक तूफान घेरा, एक ऐसी रात आयी,देख ना पाया सवेरा।2 तीन एकड़ काश्तकारी, बाप ने दी जिम्मेवारी, चाँद सी दुल्हन मिली थी, चल रही थी बैलगाड़ी, दिन गुजरता बैल संग में, रात दामन चाँद संग में, रूखी-सूखी मेवे […]

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Dahej (Part-5)

Click here to read Part-4 एक डाल पर गुलशन में दो कलियाँ है मुश्कायी, बधाई हो बधाई आज पूरी हुई सगाई। छूट गयी अब कथा कहानी, बिटिया ब्यस्त मोबाइल में, भैया ने दी फोन गिफ्ट में, राखी की बंधवाई में, ब्यस्त सभी अपने कमरे में, मात-पिता को नींद कहाँ, जब तक ब्याह नहीं हो जाती, […]

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Nirdayi bana Insan

कैसा कलियुग आया सबकी,मिटती अब पहचान रे, गौ माता और माता दोनों की,मुश्किल में जान रे। गाय हमारी माता जग में, कहता वेद,पुराण है, मात-पिता के चरणों मे ही, रहता चारो धाम है, एक पिलाती दूध पुत्र को, रक्त से उसे बनाती है, दूजा दूध की गंगा, अपने स्तन से बरसाती है, मगर दूध की […]

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Insaan Ki Pukar

खून से देख तेरी धरा हुई लाल,पहली सोमवार में, हाय रे बिधाता देख भक्त है बेहाल,तेरे दरबार में। सरहद के पार माना रावण का साम्राज्य है, सरहद के अंदर बोल तू ही किसका राज है, पंडित लाचार छोड़ भागे कश्मीर से, कितनों की जान गई तेरे कश्मीर में, एक ही कौम का जहान बना कश्मीर, […]

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मेरी जान हिंदुस्तान/Meri jaan Hindustaan

हम हिन्द के निवासी मेरी जान कहाँ है, कहते हैं जिसे माँ ओ हिंदुस्तान कहाँ है।  ऋषियों की तपोभूमि है जो राम का जहां, बजती है प्रेम बासुरी वह कृष्ण की जहां,  जन्मे जहां पर बुद्ध वह जहान कहाँ है,कहते हैं जिसे माँ ओ हिंदुस्तान कहाँ है ।1  कहते कि टूट चुकी है गुलामी की […]

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Beti Ki Sagayee                                    (Part-4)

Click here for read part-3 एक डाल पर गुलशन में दो कलियाँ है मुश्कायी, बधाई हो बधाई दोनों की है आज सगाई। माँ की ममता,बाप की खुशियां, दरवाजे को चूम रही, दादा-दादी मगन ब्याह को, खुशियाँ घर मे गूंज रही, सखियों के बीच घिरी लाडली, कुछ शर्माती,मुस्काती, कब आएगी मधुर घड़ी, सब आंखें उसकी बतलाती, […]

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Ye Kaisa Hindustan

जितना प्रेम करते हैं हम अपने हिंदुस्तान से, उतना ही प्रेम करते हम,हिन्द के आवाम से, हैं हिन्दू हम सच्चाई है,मेरा भी हिंदुस्तान है, धर्म हो कोई भी उसमें,बसती मेरी जान है, संख्या अस्सी फीसदी मेरी,मेरे हिंदुस्तान में, फिर भी मेरी कद्र क्यों नहीं है हिंदुस्तान में। जाति-धर्म छोड़ देख,मैं भी तो इंसान हूँ, तेरे […]

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Beti Ka Janm                                      (Part-3)

Click here to read part -2.     एक डाल पर गुलशन में दो कलियाँ है मुश्कायी, बधाई हो बधाई खुशियाँ सुन यौवन शरमाई। दोनों रूप की मूरत, पापा पढ़ा-लिखा गुणवान किया, चलना,हंसना,शर्म हया माँ, घर का सारा ज्ञान दिया, रोज कहानी दोनों सुनती, दादी माँ के आंचल में, संस्कार और धर्म सिखाया, दादी माँ […]

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Beti Ka Janm                                              (Part-2)

OpClick here to read part-1  Cont.—–part-2 एक डाल पर गुलशन में दो कलियाँ है मुश्कायी, बधाई हो बधाई घर में जुड़वा बिटिया आई। गूंज उठी किलकारी से, आंगन में रौनक आयी, आँगन में दो सजे खटोले, बिटिया लगन लगाई, शनैः-शनैः दिन गुजर रहे थे, रूप रंग भी निखर रहे थे, साथ में सोना,खेल,पढ़ाई, कदम ताल […]

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Beti ka Janm                                   (Part1)

एक डाल पर गुलशन में दो कलियाँ है मुश्कायी, बधाई हो बधाई घर में जुड़वा बिटिया आई। बिन बिटिया का आँगन सुना, बिन बहना के भाई, बिन घरनि घर भूत बसे, बहना बिन सुनी कलाई, सावन था सुना बरसों से, खुशियों की बरसात हुई, दो पुश्तों के बाद जहाँ की, रौनक घर में खास हुई, […]

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Marham

दिल भी मेरे दर्द भी मेरे, दिल में गहरे जख्म भी मेरे, दर्द जिगर का सुनकर भी क्यों,आँख से आंसू ना निकला। जिसकी मरहम तेरी आँसूं,दिल कैसा जो ना पिघला। किश्ती का ऐ बड़ा मुशाफिर, सागर ना पहचान सका, आँखों में रहकर भी मेरे, दिल को ना तू जान सका, मोम की पुतला जैसी थी […]

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SAMARPAN

ख़ुशी नहीं हम सिर्फ गम चाहते हैं, उसे दे दो ख़ुशी जिसे हम चाहते हैं| मैं हूँ चकोर मेरा चाँद कहीं और है, आँखों में आँसू की बात कोई और है, दिल में जो गम उसे हम चाहते है, उसे दे दो ख़ुशी जिसे हम चाहते हैं| गुलशन गमगीन,गुलदस्ते में गुल है, हँसते गुलदस्ते में […]

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Kasak/ Jag ki Trishna

  हम कहां से कहाँ आ गए जिंदगी कुछ पता ना चला, कब मिली ये ख़ुशी ख़ुदकुशी बन गयी कुछ पता ना चला।। हम मुशाफिर सफर यूँ हीं चलता रहा, बिन थके यूँ सफर संग मचलता रहा, प्यास मंज़िल की थी पर सफर कम नहीं, स्वर्ग मंजिल हंसी,तो सफर कम नहीं, मैं चलता रहा यूँ […]

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