Insan aur Singhashan(Part.1)
मैं एक अदना सा इंसान, जग में मेरी क्या पहचान, मेरी सदियों से एक उलझन, रोटी,कपड़ा और मकान,मैं एक अदना सा इंसान। राजतन्त्र या लोकतंत्र हो, या हो खेल सिंघासन का, जाति,धर्म या देश की सीमा, या हो खेल बिभाजन का, बातें सब ये बहुत बडी है, सदियों से इससे अनजान,मैं एक अदना सा इंसान। […]
Mrigtrishna/Pyaasi Jindagi
जिनके घर कच्चे है महल को,दूर से देख तरसते हैं, उनको क्या मालुम वहाँ पर,निसदिन आंसू बहते है। देख लिया दौलत महलों का,मन की त्रिसना ना देखा, हँसी,ठिठोली देखी उनकी,अंतर्द्वन्द नहीं देखा, चोरी का डर वहां किसी को,इनकम टैक्स के छापे का, भाई को भाई से डर है,छल से माल छुपाने का, महल बड़ा पर […]
Jeene ke Kayee Thikaane
मैं भी एक रेस का घोड़ा था,मतवाला हाथी के जैसा, चीते सी फुर्ती मुझमें थी,थी तेज नजर बाजों जैसा, पर दिल कोमल था पत्तों सा,जिसके आगे मैं हार गया, एक मस्त हवा की झोंका पर,तन-मन अपना मैं वार गया | फिर रेस हमारा बिखर गया,मतवाले हम दिल खो बैठे, फिर छोड़ के डाली साथ उड़े,खुद […]
Yaaden
जिंदगी रहे ना रहे लेख रह जाएंगे, मेरे और आपके कमेंट्स रह जाएंगे, नफरत की आग जला देगी जमाने को, मेरे और आपके संदेश रह जाएंगे। माना कि आपसे कोसों हैं दूर हम, सच है कि आप भी हमसे है दूर मगर, अपनी ये लेख मगर पास हमे लाएंगे, मेरे और आपके कमेंट्स रह जाएंगे। […]
Mahangayee Maar Gayi
Image Credit :Google *जून 2017 की हृदयविदारक सच्ची घटना पर आधारित कविता।* Click hear to read part-1 महंगी ने ली ली फिर से जान एक किसान की, महंगी ने ली ली फिर से जान एक किसान की, सचमुच में मुश्किल में है जान अब किसान की, महंगी ने ली ली फिर से जान एक किसान […]
Phir Bebas Ek Kisan
Image Credit :Google *जून 2017 की हृदयविदारक सच्ची घटना पर आधारित कविता।* रात का गहरा अंधेरा,नर को एक तूफान घेरा, एक ऐसी रात आयी,देख ना पाया सवेरा।2 तीन एकड़ काश्तकारी, बाप ने दी जिम्मेवारी, चाँद सी दुल्हन मिली थी, चल रही थी बैलगाड़ी, दिन गुजरता बैल संग में, रात दामन चाँद संग में, रूखी-सूखी मेवे […]
Dahej (Part-5)
Click here to read Part-4 एक डाल पर गुलशन में दो कलियाँ है मुश्कायी, बधाई हो बधाई आज पूरी हुई सगाई। छूट गयी अब कथा कहानी, बिटिया ब्यस्त मोबाइल में, भैया ने दी फोन गिफ्ट में, राखी की बंधवाई में, ब्यस्त सभी अपने कमरे में, मात-पिता को नींद कहाँ, जब तक ब्याह नहीं हो जाती, […]
Nirdayi bana Insan
कैसा कलियुग आया सबकी,मिटती अब पहचान रे, गौ माता और माता दोनों की,मुश्किल में जान रे। गाय हमारी माता जग में, कहता वेद,पुराण है, मात-पिता के चरणों मे ही, रहता चारो धाम है, एक पिलाती दूध पुत्र को, रक्त से उसे बनाती है, दूजा दूध की गंगा, अपने स्तन से बरसाती है, मगर दूध की […]
Insaan Ki Pukar
खून से देख तेरी धरा हुई लाल,पहली सोमवार में, हाय रे बिधाता देख भक्त है बेहाल,तेरे दरबार में। सरहद के पार माना रावण का साम्राज्य है, सरहद के अंदर बोल तू ही किसका राज है, पंडित लाचार छोड़ भागे कश्मीर से, कितनों की जान गई तेरे कश्मीर में, एक ही कौम का जहान बना कश्मीर, […]
मेरी जान हिंदुस्तान/Meri jaan Hindustaan
हम हिन्द के निवासी मेरी जान कहाँ है, कहते हैं जिसे माँ ओ हिंदुस्तान कहाँ है। ऋषियों की तपोभूमि है जो राम का जहां, बजती है प्रेम बासुरी वह कृष्ण की जहां, जन्मे जहां पर बुद्ध वह जहान कहाँ है,कहते हैं जिसे माँ ओ हिंदुस्तान कहाँ है ।1 कहते कि टूट चुकी है गुलामी की […]
Beti Ki Sagayee (Part-4)
Click here for read part-3 एक डाल पर गुलशन में दो कलियाँ है मुश्कायी, बधाई हो बधाई दोनों की है आज सगाई। माँ की ममता,बाप की खुशियां, दरवाजे को चूम रही, दादा-दादी मगन ब्याह को, खुशियाँ घर मे गूंज रही, सखियों के बीच घिरी लाडली, कुछ शर्माती,मुस्काती, कब आएगी मधुर घड़ी, सब आंखें उसकी बतलाती, […]
Ye Kaisa Hindustan
जितना प्रेम करते हैं हम अपने हिंदुस्तान से, उतना ही प्रेम करते हम,हिन्द के आवाम से, हैं हिन्दू हम सच्चाई है,मेरा भी हिंदुस्तान है, धर्म हो कोई भी उसमें,बसती मेरी जान है, संख्या अस्सी फीसदी मेरी,मेरे हिंदुस्तान में, फिर भी मेरी कद्र क्यों नहीं है हिंदुस्तान में। जाति-धर्म छोड़ देख,मैं भी तो इंसान हूँ, तेरे […]
Beti Ka Janm (Part-3)
Click here to read part -2. एक डाल पर गुलशन में दो कलियाँ है मुश्कायी, बधाई हो बधाई खुशियाँ सुन यौवन शरमाई। दोनों रूप की मूरत, पापा पढ़ा-लिखा गुणवान किया, चलना,हंसना,शर्म हया माँ, घर का सारा ज्ञान दिया, रोज कहानी दोनों सुनती, दादी माँ के आंचल में, संस्कार और धर्म सिखाया, दादी माँ […]
Beti Ka Janm (Part-2)
OpClick here to read part-1 Cont.—–part-2 एक डाल पर गुलशन में दो कलियाँ है मुश्कायी, बधाई हो बधाई घर में जुड़वा बिटिया आई। गूंज उठी किलकारी से, आंगन में रौनक आयी, आँगन में दो सजे खटोले, बिटिया लगन लगाई, शनैः-शनैः दिन गुजर रहे थे, रूप रंग भी निखर रहे थे, साथ में सोना,खेल,पढ़ाई, कदम ताल […]
Beti ka Janm (Part1)
एक डाल पर गुलशन में दो कलियाँ है मुश्कायी, बधाई हो बधाई घर में जुड़वा बिटिया आई। बिन बिटिया का आँगन सुना, बिन बहना के भाई, बिन घरनि घर भूत बसे, बहना बिन सुनी कलाई, सावन था सुना बरसों से, खुशियों की बरसात हुई, दो पुश्तों के बाद जहाँ की, रौनक घर में खास हुई, […]
Marham
दिल भी मेरे दर्द भी मेरे, दिल में गहरे जख्म भी मेरे, दर्द जिगर का सुनकर भी क्यों,आँख से आंसू ना निकला। जिसकी मरहम तेरी आँसूं,दिल कैसा जो ना पिघला। किश्ती का ऐ बड़ा मुशाफिर, सागर ना पहचान सका, आँखों में रहकर भी मेरे, दिल को ना तू जान सका, मोम की पुतला जैसी थी […]
SAMARPAN
ख़ुशी नहीं हम सिर्फ गम चाहते हैं, उसे दे दो ख़ुशी जिसे हम चाहते हैं| मैं हूँ चकोर मेरा चाँद कहीं और है, आँखों में आँसू की बात कोई और है, दिल में जो गम उसे हम चाहते है, उसे दे दो ख़ुशी जिसे हम चाहते हैं| गुलशन गमगीन,गुलदस्ते में गुल है, हँसते गुलदस्ते में […]
